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ई- लर्निंग से जुड़ेंगे प्रदेश के महाविद्यालय

अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Wed, 27 Jul 2016 12:01 AM IST
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मंचासीन अतिथि
मंचासीन अ‌‌तिथ‌ि - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान देहरादून, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और उच्चशिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को एमबीपीजी कालेज में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रदेश में ई- शिक्षा को बढ़ावा देने पर मंथन किया गया। कार्यशाला में एव्यू और मेंटर्स पोर्टल का उद्घाटन उच्चशिक्षा मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश एवं जाने माने शिक्षाविद् प्रो. पुष्पेश पंत ने संयुक्त रूप से किया।
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‘प्रौद्योगिकी के प्रयोग से उच्चशिक्षा को बेहतर करने’ विषय पर कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उच्चशिक्षामंत्री  डा. हृदयेश ने कहा कि शिक्षा में तकनीकी के प्रयोग के लिए शिक्षकों का प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निपुण होना आवश्यक है, इसके लिए यूओयू में अकादमिक प्रौद्योगिकी ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना इसी सत्र में की जायेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति को इस पर कार्य करने के निर्देश भी दिए। 
 मुख्य वक्ता शिक्षाविद् प्रो. पुष्पेश पंत ने कहा कि हल्द्वानी सदियों से व्यापारिक मंडी रही है। आज बदलते दौर में हल्द्वानी को ई- ज्ञान मंडी के रूप में विकसित करना होगा। जो कि प्रौद्योगिकी के उपयोग से संभव है।  
यूओयू के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने छात्रों को ई-लर्निंग में सपोर्ट के लिए विवि द्वारा तैयार किए गए ई-पोर्टल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालय ने  छात्रों के लिए ई-प्लेटफ ार्म तैयार किया है, जिस पर विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सभी पाठ्यक्रमों की अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी। उच्चशिक्षा निदेशक एवं एमबीपीजी कालेज के प्राचार्य डा. बीसी मेलकानी ने एकेडमिक प्रौद्योगिकी ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना में हर संभव सहयोग की बात कही तथा वर्तमान में ई-लर्निंग प्रक्रिया के महत्व को समझाया।

कार्यशाला के आयोजक एवं सभापति प्रो. दुर्गेश पंत ने  बताया कि ई-लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए एक प्रौद्योगिकी ट्रेनिंग सेंटर आवश्यक है, जिसमें सभी शिक्षाविद् और विशेषज्ञ प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण लेकर विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा सकें। अमृता विश्वविद्यालय मुंबई के प्रो. सीवी भास्करन ने एव्यू के उपयोग और प्रयोग पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूओयू को इस साफ्टवेयर की 2300 लॉग इन आई डी उपलब्ध करायी गयी हैं।

प्रथम सत्र उद्घाटन सत्र में  संचालन प्रो. केके पांडेय ने किया तथा यूओयू के कुलसचिव प्रो. आरसी मिश्र ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में सभी तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा ई-लर्निंग पर विचार रखे।  इस अवसर पर प्रौद्योगिकी का शिक्षा में प्रयोग पर कार्य कर रहे ग्रुप कैप्टन अशोक कटारिया, जीबी पंत विवि के पूर्व कुलपति प्रो. बीएस बिष्ट, डा. केके पांडेय, प्रो. गोविंद सिंह, प्रो. पीडी पंत, प्रो. एचपी शुक्ल, प्रो. जेके जोशी, डा.एलपी वर्मा आदि ने भी विचार रखे।

एमबी कालेज के सभागार का होगा पुनर्निर्माण 

एमबीपीजी कालेज में लालबहादुर शास्त्री सभागार का पुनर्निर्माण होगा, इसके लिए साढ़े तीन करोड़ की प्रथम किश्त जारी कर दी गई है। आधुनिक सभागार में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की भी योजना है। यह घोषणा उच्चशिक्षामंत्री द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि सभागार निर्माण जल्द शुरू होगा।    
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