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नाले और नहरें कब्जा लिए, शहर तो जलमग्न होगा ही

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 11:57 PM IST
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Drains and canals are captured, the city will be submerged
लाइन नं01 में नाले के ऊपर किया गया अतिक्रमण। संवाद - फोटो : HALDWANI
हल्द्वानी। शहर में ऐसे कई नाले और नहरें हैं जिन पर कब्जा हो गया है। इन कब्जों के कारण जरा सी बरसात में शहर में जलभराव हो जाता है। अतिक्रमण हटाने को लेकर बातें बड़ी-बड़ी होती हैं लेकिन नगर निगम, सिंचाई विभाग और प्रशासन कतई गंभीर नहीं है।
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रकसिया, कलशिया, देवखड़ी और इंदिरानगर नालों के अलावा गौला से आने वाली मुख्य पोषक नहर में जगह-जगह अतिक्रमण की वजह से बारिश के दौरान पूरा शहर जलमग्न हो जाता है। सोमवार को हुई भारी बारिश से कलशिया, रकसिया, देवखड़ी नाले के उफनाने से पूरा शहर जलमग्न हो गया था।
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सिंचाई विभाग नोटिस भेजने तक सीमित
हल्द्वानी। सिंचाई विभाग अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजने के बाद मौन बैठ गया है। प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। सिंचाई विभाग के जिलेदार नवीन चंद्र जोशी का दावा है कि गौलापार, लालकुआं, कठघरिया, कॉलटैक्स से ठंडी सड़क, वर्कशॉप रोड, सेंट थेरेसा स्कूल के पास आदि इलाकों में 57 अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजे हैं। ईई तरुण बंसल का कहना है कि प्रशासन से अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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अतिक्रमण चिह्नित कर लिए, तोड़ने की हिम्मत नहीं
हल्द्वानी। प्रशासन की महिमा भी अपरंपार है। नालों, नहरों और नालियों के अतिक्रमण को चिह्नित करने का दावा तो किया जाता है कि लेकिन उनके तोड़ने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा है। अधिकारियों की भूमिका सिर्फ नोटिस देने तक सीमित हैं। बारिश में होने वाले जलभराव के दौरान ही अधिकारियों को अतिक्रमण और ड्रेनेज याद आता है फिर योजनाएं फाइलों में कैद होकर रह जाती हैं।
अब बन रहा है ड्रेनेज का मास्टर प्लान
हल्द्वानी। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने 2017 में कई शहरों के ड्रेनेज का मास्टर प्लान बनाने की घोषणा की थी। इसमें हल्द्वानी को भी शामिल किया गया था। ड्रेनेज का मास्टर प्लान बनाने के लिए एक कंपनी को हायर किया गया है। तीन सालों में यह कंपनी अब तक सर्वे का काम ही पूरा कर पाई है। अब डीपीआर बनाने का काम शुरू हुआ है। शासन की ओर से अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि ड्रेनेज के मास्टर प्लान के लिए किस मद से पैसा मिलेगा।

ये हैं जिम्मेदार अफसरों के दावे
कई सालों से समस्या बनी हुई है। समस्या का हल तलाशने के लिए नगर निगम, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण कराया जाएगा। इसके अलावा नहर और नालों की सफाई भी कराई जाएगी।
-धीराज सिंह गर्ब्याल, डीएम
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