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सैनिक स्कूल की शिक्षिका डा. शालिनी ने बैंकाक में दिया व्याख्यान
ब्यूूराे, अमर उजाला, भवाली (नैनीताल)।
Updated Wed, 05 Aug 2015 01:56 AM IST
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घोड़ाखाल स्थित सैनिक स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षिका डा. शालिनी मिश्रा ने बैंकाक में स्थित थामसट विवि में इंटरनेशनल यूनियन आफ एंथ्रोपालिजिकल एंड इथोनालिजिकल साइंसेज (मानव एवं मानवजाति विज्ञान संबंधी संस्था) की ओर से आयोजित सम्मेलन में व्याख्यान दिया।
सम्मेलन का विषय भारतीय लोककथाएं नारी अधिकारवादी दृष्टिकोण था। बैंकाक से वापस लौटने के बाद डा. मिश्रा ने बताया कि सम्मेलन 15 से 17 जुलाई तक था।
डा. शालिनी मिश्रा ने उत्तराखंड की लोककथाओं जैसे राजुली मालुशाही, तीलू रौतेली व नंदा देवी आदि के उदाहरणों से पर्वतीय जीवन में महिलाओं की भागीदारी, उनकी जीवटता का उल्लेख किया।
उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य कैप्टन रोहित द्विवेदी, रजिस्ट्रार स्क्वाड्रन लीडर बीएस राठौर, प्रधानाध्यापक जे प्रकाश, वरिष्ठ शिक्षक डा. जेएस बिष्ट ने खुशी जताई है।
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सम्मेलन का विषय भारतीय लोककथाएं नारी अधिकारवादी दृष्टिकोण था। बैंकाक से वापस लौटने के बाद डा. मिश्रा ने बताया कि सम्मेलन 15 से 17 जुलाई तक था।
डा. शालिनी मिश्रा ने उत्तराखंड की लोककथाओं जैसे राजुली मालुशाही, तीलू रौतेली व नंदा देवी आदि के उदाहरणों से पर्वतीय जीवन में महिलाओं की भागीदारी, उनकी जीवटता का उल्लेख किया।
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उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य कैप्टन रोहित द्विवेदी, रजिस्ट्रार स्क्वाड्रन लीडर बीएस राठौर, प्रधानाध्यापक जे प्रकाश, वरिष्ठ शिक्षक डा. जेएस बिष्ट ने खुशी जताई है।
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