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‘डॉक्टर नहीं हैं, कष्ट के लिए खेद है’
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Tue, 12 Sep 2017 02:07 AM IST
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‘डॉक्टर नहीं हैं, कष्ट के लिए खेद है’
- फोटो : amar ujala
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संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाएं संभालने में असफल हो रहा है। ऐसे में अस्पताल की दीवारों पर पर्चे चिपकाकर बड़ी संख्या में उमड़ रहे मौसमी बीमारी से पीड़ित मरीजों से सहयोग की अपील की जा रही है।
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रामनगर के रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय में कुमाऊं, गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही यूपी के मुरादाबाद व रामपुर जिले के भी कई मरीज इलाज कराने आते हैं। इन दिनों मौसम परिवर्तन के चलते उल्टी-दस्त के साथ टाइफाइड, पीलिया, वायरल, मलेरिया आदि के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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स्पताल में 25 से अधिक मरीज भर्ती हैं। लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाएं संभालने में असफल हो रहा है। सीएमएस डॉक्टर बीडी जोशी ने बताया कि अस्पताल से चार डाक्टरों का तबादला हो चुका है।
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इससे ओपीडी में रोज आने वाले मरीजों को संभालने में काफी परेशानी हो रही है। मरीजों व तीमारदारों से जगह-जगह पर्चे चस्पा कर सहयोग की अपील की जा रही है, कि वे धैर्य बनाए रखें।
ये लिखा है पर्चों में
1 - विशेषज्ञ महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला चिकित्साधिकारी से सलाह लें।
2 - वर्तमान में आर्थो सर्जन अवकाश पर हैं। कष्ट हेतु खेद है।
3 -आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी कोई विशेषज्ञ नहीं हैं। कृपया धैर्य रखें।