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लें मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के...
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर
Updated Wed, 25 Mar 2015 01:50 AM IST
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शहादत दिवस आयोजन समिति द्वारा शहीदों की याद में हो रहे तीन दिनी कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। शहीद पार्क लखनपुर में हुए इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कवि बल्ली सिंह चीमा मौजूद रहे। अपनी ओजपूर्ण कविताओं और गजलों से उन्होंने कार्यक्रम में समां बांध दिया।
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श्री चीमा ने कहा, ‘हम नहीं गांधी के बंदर यह बतला देंगे तुम्हें, हर युवा को भगत सिंह बनाना है हमें।’ उपस्थित जन समुदाय की मांग पर उन्होंने ‘ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के’ गीत गाया। अजीत साहनी ने क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह पाश की कविताओं का पाठ किया। नवेंदु मठपाल ने आजादी के दौर में गुमानी गौर्दा, इकबाल, जयशंकर प्रसाद आदि के गीत और तराने गाए। दिगंबर, भुवन, कैसर राणा, पंकज की टीम ने गिर्दा, हीरा सिंह राणा समेत अन्य अनेक कवियों के गीतों को प्रस्तुत किया। संचालन गिरीश आर्या, ललित पांडे ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में प्रभात ध्यानी, मुनीष कुमार, मनमोहन अग्रवाल, विमला आर्या, नंदराम आर्या आदि थे।
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