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पढ़ने भी नहीं देते, खुद भी नहीं पढ़ते
नवीन सक्सेना
Updated Wed, 14 Sep 2016 01:29 AM IST
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student fight MB PB college
- फोटो : amar ujala
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छात्र संघ चुनाव क्या हुए, मारपीट, जुलूस, प्रदर्शन, हुड़दंग की पाठशाला हो गए। छात्र नेता न तो खुद पढ़ रहे हैं और न ही इन्हें इस बात से मतलब है कि औरों की पढ़ाई में व्यवधान न हो। एमबीपीजी कालेज के छात्र संघ चुनाव में यह साबित भी हो रहा है।
हाल यह है कि 45 दिन के अब तक के शिक्षण सत्र में 25 दिन भी पढ़ाई नहीं हो सकी। इस बार सेमेस्टर प्रणाली केकारण दिसंबर में परीक्षाएं होंगी।
कुमाऊं विश्वविद्यालय ने स्नातक स्तर पर पहली बार सेमेस्टर व्यवस्था लागू की है। दिसंबर में परीक्षाएं होनी हैं और इसके कारण गंभीर छात्र एक-एक दिन का हिसाब रख रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीति की पहली सीढ़ी चढ़ रहे छात्र नेताओं को इससे कोई मतलब नहीं दिखता।
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कुछ युवा होने का जोश है और कुछ बड़े नेताओं का वरदहस्त। पहली अगस्त को कालेज में शिक्षण कार्य शुरू हुआ तो पढ़ने और पढ़ाने के दिन भी जैसे हवा हो गए। कैंपस में छात्र संघ चुनाव का शोर हावी हो गया।
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मुद्दों पर बहस की जगह नारेबाजी और छात्र नेता विधानसभा चुनाव में जुलूस प्रदर्शन का मिनी रिहर्सल करते नजर आ रहे हैं। हो भी क्यों नहीं, इनके अपने-अपने सरमाएदार भी हैं। इसलिए कालेज प्रशासन भी कुछ सख्त कदम उठाने से पहले ही अपने कदम पीछे खींच लेता है।
अब देखना है कि एक सप्ताह बाद बुधवार को खुल रहे कालेज में पढ़ाई को सुचारू कराने में कालेज प्रशासन कितना सफल होता है।
कालेज में शिक्षण कार्य सुचारु हो सके, इसके लिए कालेज प्रशासन पूरी कोशिश में लगा है। छात्रसंघ चुनाव के संभावित प्रत्याशियों से अभी किसी तरह का जुलूस निकालकर हो हल्ला न करने की अपील की गई है। चुनाव की तिथि घोषित होने पर जुलूस निकालने की छूट दी जाएगी।
- डा. बीसी मेलकानी, प्राचार्य
कुमाऊं विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ का चुनाव कराने को लेकर अभी तक कोई बैठक नहीं बुलाई है। छात्रसंघ चुनाव में जानबूझ कर देरी की जा रही है। कालेज में पढ़ाई सुचारु रूप से चलाने के लिए पूरा सहयोग किया जाएगा।
- देवेंद्र नेगी, छात्रसंघ अध्यक्ष
एमबी कालेज कुमाऊं का सबसे बड़ा महाविद्यालय है। इसमें छात्रसंघ अध्यक्ष किस पार्टी का बनता है कई मायने रखता है। पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए मिल बैठकर बात की जा सकती है
- संजय रावत, पूर्व अध्यक्ष छात्रसंघ
पहले छात्रसंघ अध्यक्ष, अब कर रहे ठेकेदारी
एमबीपीजी कालेज में छात्रसंघ अध्यक्ष की कुर्सी संभालने वाले पांच साल के छात्रनेताओं की राजनीति पर नजर डालें तो वे कोई बड़े मुकाम पर नहीं केवल ठेकेदारी के कार्य से ही जुड़ पाए हैं।
वर्ष 2011 में एबीवीपी से जगदीश बिष्ट, वर्ष 2012 में एबीवीपी के विरेंद्र सिंह बिष्ट, वर्ष 2013 में एनएसयूआई के लाल सिंह पवार, वर्ष 2014 में एनएसयूआई और एबीवीपी को धूल चटाकर जीते निर्दलीय प्रत्याशी संजय रावत तथा वर्ष 2015 में एनएसयूआई के देवेंद्र नेगी छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
ये सभी छात्रनेता राजनेताओं से संबंधों का लाभ उठाकर किसी न किसी के साथ ठेकेदारी का काम कर रहे हैं। इसी तरह कुमाऊं विश्वविद्यालय छात्रमहासंघ अध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह रावत भी ठेकेदारी के कार्य से जुड़े हैं।