फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Do not know where the investigation team sent samples

जांच टीम को नहीं पता कहां भेजे नमूने

Tue, 06 Sep 2016 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल। Updated Tue, 06 Sep 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
करोड़ों की लागत से बनाए गए रूसी बाईपास की जांच को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों जांच समिति द्वारा लिए गए निर्माण सामग्री के नमूनों को गोपनीय रूप से जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा चुका है। निर्माण सामग्री के नमूने जांच के लिए कहां भेजे गए हैं, इसकी भनक जांच टीम में शामिल अधिकारियों तक को नहीं है। प्रशासन को अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में अग्रिम कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि सरकार ने नैनीताल में वाहनों के दबाव को कम करने के उद्देश्य से बल्दियाखान से रूसी होते हुए खुर्पाताल बैंड तक लगभग साढ़े छह किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति देते हुए नौ करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। समय पर काम शुरू नहीं होने के कारण निर्माण कार्य की लागत बढ़ती रही। लगभग तीन साल पहले बाईपास निर्माण का कार्य शुरू किया गया। अब तक बाईपास निर्माण में लगभग 27 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और लगभग पांच करोड़ रुपये अभी और खर्च होने हैं।
विज्ञापन


बीते पर्यटक सीजन में जिला प्रशासन ने बाईपास रोड को अस्थायी रूप से चालू किया, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बाईपास वाहनों का दबाव नहीं सह सका और सीजन शुरू होते ही रूसी गांव में पुल के पास दीवार ढह गई। बरसात में बाईपास में कई जगह हुए भूस्खलन और सड़क टूटने से निर्माण कार्य की कलई खुल गई। पिछले दिनों बेलुवाखान के ग्राम प्रधान हिमांशु पांडे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बाईपास निर्माण की जांच की मांग को लेकर गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ ललित मोहन रयाल ने अभियंताओं की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री के नमूने लिए थे। सूत्रों के मुताबिक निर्माण सामग्री के पांच नमूनों को गोपनीय रूप से जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जा चुका है। नमूने कहां और किस प्रयोगशाला में भेजे गए हैं इसे गोपनीय रखा गया है ताकि कोई जांच को कार्य प्रभावित न कर सके। इस संबंध में पूछे जाने पर जांच अधिकारी सीडीओ ललित मोहन रयाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने में अभी कुछ वक्त लगेगा और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में कोई कार्रवाई की जा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed