फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Divyang climbed the tank, breathed the police-administration

टंकी पर चढ़े दिव्यांग ने पुलिस-प्रशासन की सांसें फुलाईं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 02:44 AM IST
विज्ञापन
Divyang climbed the tank, breathed the police-administration
मांगें मनवाने को पानी की टंकी पर राष्ट्रीय ध्वज लहराता दिव्यांग शंकर लाल - फोटो : HALDUCHOD
हल्दूचौड़। 14 सूत्री मांगों को लेकर एक दिव्यांग दुम्का बंगर उमापति गांव के पास पानी की टंकी पर चढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। करीब तीन घंटे तक मान-मनौव्वल चलता रहा। एसडीएम और सीओ ने पानी की टंकी पर चढ़कर मांगें शासन के संज्ञान में लाने की बात कही। आखिर में दिव्यांग को टंकी से उतरवाकर घर भेज दिया गया।
विज्ञापन

शनिवार सुबह करीब साढे़ नौ बजे 14 सूत्री मांगों को लेकर सर्वजन दिव्यांग कल्याण समिति के अध्यक्ष शंकर लाल विधायक नवीन चंद्र दुम्का के घर के पास दुम्का बंगर उमापति गांव के निकट ओवरहेड टैंक के ऊपर चढ़ गए। शंकर लाल ने राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए मौके पर मांगों को पढ़ना शुरू कर दिया। दिव्यांग मौके पर सीएम से बात कराने और डीएम को बुलाने की बात पर अड़ गया। कहने लगा कि मंत्री-विधायकों तक मांगें पहुंचाने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। सूचना के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। इस बीच क्षेत्रवासियों की भीड़ जुट गई। क्षेत्रीय विधायक नवीन दुम्का ने अपने प्रतिनिधि इंदर सिंह बिष्ट और ललित आर्या को वार्ता के लिए भेजा और आश्वासन दिया कि सीएम से वार्ता कराएंगे। परंतु शंकर लाल ने भरोसा नहीं होने की बात कहकर प्रतिनिधिमंडल को लौटा दिया। फिर एसडीएम मनीष कुमार सिंह, सीओ सर्वेश पवार और कोतवाल संजय कुमार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने शंकरलाल को वार्ता के लिए नीचे आने का अनुरोध किया। परंतु वह टंकी से नीचे नहीं उतरे। इस पर एसडीएम टंकी पर चढ़ गए और मांगों के संबंध में चर्चा शुरू की। इस बीच मौका पाकर सीओ और कोतवाल भी टंकी में चढ़ गए और उन्होंने शंकरलाल को दबोच लिया। एसडीएम ने मांगपत्र शासन को भेजने की बात कही और पुलिस ने शंकरलाल को नीचे उतारा। दिव्यांग को हल्दूचौड़ पुलिस चौकी में ले जाकर विस्तृत बातचीत की गई। करीब एक घंटे बाद शंकरलाल को छोड़ दिया गया। तीन घंटे बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed