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Nainital News: मानसून से पहले अलर्ट मोड में जिला आपदा प्रबंधन
Sat, 13 Jun 2026 12:40 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:40 AM IST
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हल्द्वानी। मानसून सीजन में बाढ़ व भू-कटाव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले के संवेदनशील इलाकों में बाढ़ चौकियां स्थापित करने के साथ ही भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील सड़कों पर हर वक्त जेसीबी मशीन तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों के अधिकारियों को मानसून सीजन के दौरान मोबाइल स्विच ऑफ न करने और सातों दिन चौबीसों घंटे अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गौला, नंधौर, कोसी, दाबका और सूखी नदी के किनारे बसे संवेदनशील गांवों में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक हल्द्वानी में गौला बैराज, काठगोदाम, गौलापार, लालकुआं, बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़ और चोरगलिया में 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहेंगे। हर चौकी पर वायरलेस सेट, सायरन, लाइफ जैकेट, रस्सी और टॉर्च की व्यवस्था की गई है।
सिंचाई, लोनिवि और नगर निगम को नदी-नालों व भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील सड़कों के किनारे जेसीबी पहले से तैनात रखें। बारिश में मलबा आने या रास्ता बंद होने पर उसे तुरंत हटाया जाए। जेसीबी ऑपरेटरों के मोबाइल नंबर आपदा कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराए जाएं।
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55 हजार से ऊपर रहता है बाढ़ का खतरा
सिंचाई विभाग के मुताबिक गौला नदी में 55,000 क्यूसेक से ज्यादा पानी आने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा रहता है। वर्ष 2025 में 48,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर काठगोदाम में सायरन बजाकर घर खाली करवाए गए थे।
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मानसून सीजन को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के साथ-साथ सभी अधिकारियों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश हैं। नदियों के इर्द-गिर्द बाढ़ राहत चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। - ललित मोहन रयाल जिलाधिकारी नैनीताल
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जिलाधिकारी के निर्देश पर गौला, नंधौर, कोसी, दाबका और सूखी नदी के किनारे बसे संवेदनशील गांवों में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक हल्द्वानी में गौला बैराज, काठगोदाम, गौलापार, लालकुआं, बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़ और चोरगलिया में 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहेंगे। हर चौकी पर वायरलेस सेट, सायरन, लाइफ जैकेट, रस्सी और टॉर्च की व्यवस्था की गई है।
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सिंचाई, लोनिवि और नगर निगम को नदी-नालों व भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील सड़कों के किनारे जेसीबी पहले से तैनात रखें। बारिश में मलबा आने या रास्ता बंद होने पर उसे तुरंत हटाया जाए। जेसीबी ऑपरेटरों के मोबाइल नंबर आपदा कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराए जाएं।
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55 हजार से ऊपर रहता है बाढ़ का खतरा
सिंचाई विभाग के मुताबिक गौला नदी में 55,000 क्यूसेक से ज्यादा पानी आने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा रहता है। वर्ष 2025 में 48,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर काठगोदाम में सायरन बजाकर घर खाली करवाए गए थे।
मानसून सीजन को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के साथ-साथ सभी अधिकारियों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश हैं। नदियों के इर्द-गिर्द बाढ़ राहत चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। - ललित मोहन रयाल जिलाधिकारी नैनीताल