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देवस्थानम बोर्ड : केंद्र और राज्य सरकार से तीन हफ्ते में मांगा जवाब

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 02:03 AM IST
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Devasthanam board: sought response from central and state government in three weeks
प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड प्रदेश के देवस्थानम बोर्ड को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र और राज्य सरकार को जवाब और सीईओ चारधाम देवस्थानम बोर्ड को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि दायर जनहित याचिका पोषणीय है या नहीं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट को बताया कि सोमवार को बोर्ड का सीईओ नियुक्त किया गया है, लिहाजा जब तक इस पूरे मामले की सुनवाई जारी है तब तक किसी तरह की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार भाजपा के राज्यसभा सांसद तथा सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश सरकार की ओर से चारधाम मंदिरों के प्रबंधन को लेकर देवस्थानम बोर्ड अधिनियम प्रभावी किया गया है, जो कि असांविधानिक है। याचिका में कहा कि बोर्ड के माध्यम से सरकार की ओर से चारधाम सहित 52 अन्य मंदिरों का प्रबंधन लेना संविधान के अनुच्छेद 25 व 26 का उल्लंघन है। पूर्व में तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, केरल तथा महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों ने भी इस तरह के निर्णय लिए थे।
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इनके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले में सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णय पहले से ही हैं। कहा कि पूर्व में जिन राज्यों ने इस तरह के निर्णय लिए उन्होंने मस्जिद तथा गिरजाघरों को शामिल क्यों नहीं किया। सिर्फ मंदिरों को ही शामिल क्यों किया गया। याचिका में कहा कि सरकार को मंदिर चलाने का कोई अधिकार नहीं है। मंदिर को भक्त या फिर उनके लोग ही चला सकते हैं, लिहाजा सरकार के एक्ट को निरस्त किया जाए। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि स्वामी ने राजनीति से प्रेरित होकर प्रचार के लिए याचिका दाखिल की है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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