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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Dev suffering are described in the book of mountain

पहाड़ की पीड़ा को किताब में बयां कर रहे हैं देव

Sun, 15 Nov 2015 01:41 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, नैनीताल।
ब्यूरो /अमर उजाला, नैनीताल। Updated Sun, 15 Nov 2015 01:41 AM IST
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 मूल रूप से रानीखेत के कड़ाकोट जिलोरा गांव निवासी और दिल्ली में कार्यरत देव सौंटियाल पहाड़ की लुप्त होती संस्कृति को बचाए रखने और युवाओं को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किताब लिख रहे हैं। इस कार्य में उन्हें कुमाऊंनी फिल्म बनाने वाली देवकी शर्मा भी सहयोग कर रही हैं।

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यहां एक होटल में शनिवार को पहुंचे देव शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि उनकी इस किताब में कुमाऊंनी संस्कृति, रहन-सहन, खान-पान की जानकारी दी जाएगी। किताब का नाम ‘मेरी सोच, मेरे विचार’ रखा गया है। देव का कहना है कि पहाड़ की संस्कृति लुप्त हो रही है।
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खान-पान से लेकर रहन-सहन तक के तौर-तरीके बदल रहे हैं। यदि अपनी संस्कृति को बचाने के लिए हम जागरूक नहीं हुए तो वह दिन दूर नहीं जब हमारे युवा अपनी परंपराओं को भूल जाएंगे। देवकी शर्मा आदि भी वहां मौजूद थी।
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