{"_id":"5780c7b44f1c1b446c7fbb13","slug":"department-idle-hands","type":"story","status":"publish","title_hn":"माफिया को पकड़ने में विभाग के हाथ खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माफिया को पकड़ने में विभाग के हाथ खाली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
Updated Sat, 09 Jul 2016 03:15 PM IST
विज्ञापन
जेसीबी से रोका अवैध खनन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर। कोसी नदी में असलहे के बल पर अवैध खनन करने वाले माफिया को पकड़ने में अभी विभाग के हाथ खाली हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक माफिया की पहचान नहीं हो पाई है, जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बीते बुधवार की रात ईटव्वा और गोबरा के खनन माफिया जेसीबी व 10-12 ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर बैंतखेड़ी के रास्ते कोसी नदी में प्रवेश कर गए थे। वहां स्थानीय ज्वालावन चौकी में तैनात कर्मचारियों ने इन्हें रोकने का प्रयास किया था। इस पर माफिया ने असलहे के बल पर उन्हें वहां से खदेड़ दिया था।
विज्ञापन
माफिया की संख्या अधिक होने पर विभागीय अधिकारी रातभर नदी में घुसने से बचते करते रहे। इसी का फायदा उठाकर माफिया जेसीबी की मदद से रातभर अवैध खनन करते रहे। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के एसडीओ बलवंत सिंह शाही ने बताया कि वनकर्मियों की संख्या कम होने के कारण माफिया अवैध खनन करने में सफल रहे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया ज्वालावन, गुलजारपुर वन चौकी में 16 सदस्यीय टीम गठित कर दी गई हैं, जो 24 घंटे नदी किनारे गश्त कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बैंतखेड़ी, गोबरा, इटव्वा के चार-पांच माफिया के नाम प्रकाश में आए हैं। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम रवाना कर दी गई है। विभाग ने नदी के किनारे फिर से गहरी खाई भी खुदवा दी है।