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Haldwani: व्लॉगर दीक्षा पांडे ने कालाढूंगी कोतवाली में खाया जहरीला पदार्थ, समय से मिला इलाज तो बची जान

Tue, 02 Jun 2026 10:02 AM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Tue, 02 Jun 2026 10:02 AM IST
सार

कालाढूंगी की महिला ब्लॉगर दीक्षा पांडेय ने सोमवार को उत्पीड़न से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों ने उन्हें एसटीएच में भर्ती कराया जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

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deeksha pandey poison consumption case kaladhungi haldwani social media dispute
पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

हल्द्वानी के गौलापार स्थित ससुराल में उत्पीड़न के खिलाफ धरने पर बैठने और वीडियो बनाकर वॉयरल करने वाली कालाढूंगी की महिला ब्लॉगर दीक्षा पांडेय ने सोमवार की दोपहर में कालाढूंगी कोतवाली में जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने थाने के अंदर जहर खाने की बात से इंकार किया है। उधर दीक्षा की बहन और मां ने उसे एसटीएच में भर्ती कराया, यहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। दीक्षा ने पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

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कुछ दिन पहले दीक्षा पांडेय ने फौजियों को लेकर एक पोस्ट की थी। यह पोस्ट एक महिला ब्लॉगर से जुड़ी थी। इसके बाद से पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में वीडियो वार चल रहा था। महिला ब्लॉगर के समर्थन में कुछ संगठन भी खड़े हो गए। दीक्षा पांडेय ने कहा कि यह पोस्ट डालने के बाद कई तरह की प्रतिक्रिया आई थी। जनभावना का सम्मान करते हुए मैंने माफी मांगी थी लेकिन कुछ लोग लगातार धमकी दे रहे थे। इसकी तहरीर भी थाने में दी गई लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। दीक्षा ने आरोप लगाया कि पुलिस दूसरे पक्ष के साथ मिलकर लगातार उत्पीड़न कर रही थी। दीक्षा की बहन संध्या ने एसटीएच में बताया कि माफी मांगने के बाद भी उसकी बहन को प्रताड़ित किया जा रहा है। रविवार की रात पुलिस घर पर आई थी। अगले दिन सुबह कोतवाली बुलाया गया था। लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर उसकी बहन ने यह कदम उठाया। मां प्रेमा पांडे ने बताया कि दीक्षा का उपचार चल रहा है। वह खतरे से बाहर है लेकिन लगातार धमकी देना गलत है।

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महिला ने खुदकुशी का वीडियो डाला था। इस वजह से उन्हें कोतवाली बुलाया गया था। यहां उनकी काउंसिलिंग कराई गई। यहां से वह चली गई। जाने के बाद क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।-अमित कुमार सैनी, प्रभारी सीओ रामनगर

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ऐसे चला घटनाक्रम

दीक्षा पांडेय का मायका छोटी हल्द्वानी कालाढूंगी में है जबकि ससुराल गौलापार में। कुछ माह पहले उन्होंने अपने ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और बुद्ध पार्क में धरना दिया। यहां उन्होंने वीडियो बनाई और वॉयरल किया। दूसरी महिला व्लॉगर दीक्षा के ससुराल वालों के पास गईं और उनका पक्ष जाना। इसी बात पर तनातनी हुई और दोनों एक दूसरे के खिलाफ वीडियो बनाने लगीं। इसी बीच दीक्षा ने कुछ दिन पहले फौजी वाला वीडियो डाला जिससे वह ट्रोल होने लगीं थी।

सोशल मीडिया बना वार रूम

दीक्षा का मामला नया नहीं है। इससे पहले हल्द्वानी की दो महिला व्लॉगर के बीच विवाद सामने आया था। यहां तो सड़क पर मारपीट जैसी स्थिति बन गई थी। दोनों मे से एक महिला व्लॉगर पर तो पुलिस ने कई प्राथमिकी दर्ज कर दी थी। यह मामला काफी बाद निपटा और अब दोनों खामोश है लेकिन यह नया मामला फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया, वार रूम की तरह कार्य कर रहा है।
 

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