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अस्पताल कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत, सुसाइड नोट में बेरोजगारी के चलते मौत को गले लगाने की बात लिखी
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प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। आवास विकास कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल के हॉस्टल के कमरे में बृहस्पतिवार दोपहर एक कर्मचारी संदिग्ध हालात में मृत मिला। उसका शव फांसी के फंदे से लटका था। भोटिया पड़ाव पुलिस ने कमरे से सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें बेरोजगारी से तंग होने की बात लिखी थी। सुसाइड नोट में लिखा था ‘मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना।’
बागेश्वर जिले के दुलम कपकोट निवासी मनोज कुमार आर्य (25) पुत्र त्रिलोक राम आर्य आवास विकास स्थित एक निजी अस्पताल में तीन साल से कर्मचारी (रिस्पेशनिस्ट) था। विवेकानंद स्कूल के पास अस्पताल के हॉस्टल में मनोज रहता था। बृहस्पतिवार दोपहर जब मनोज के साथी सलमान ने उसे आवाज लगाई तो उसने दरवाजा नहीं खोला। इस पर उसने जोर से धक्का मारा तो वह कमरे में फंदे पर लटका था। सूचना पर भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी। परिजनों के आने पर पुलिस ने तलाशी की। कमरे से पुलिस ने शराब की बोतल, जो आधी भरी थी (रॉयल स्टैग), सिगरेट, नमकीन, मोबाइल और सुसाइड नोट बरामद किया।
सुसाइड नोट मम्मी और पापा को संबोधित था। इसमें लिखा गया था कि वह बेरोजगारी से तंग है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। उसकी मौत के बाद एफआईआर और पोस्टमार्टम कराने की जरूरत नहीं है। पुलिस के अनुसार मृतक की अभी शादी नहीं हुई थी। पुलिस का प्रथमदृष्टया मानना है कि शराब पीने के बाद उसने जान दी है। वहीं, पुलिस का यह भी कहना है कि सुसाइड नोट में बेरोजगारी से तंग होने की बात लिखी है, जबकि वह तीन साल से अस्पताल में नौकरी कर रहा था। पुलिस का कहना है मामले की जांच की जा रही है।
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एक दिन पहले किसी महिला से बात कर रहा था मनोज
चौकी प्रभारी ने बताया कि घटना के बाबत पुलिस ने मनोज के साथी परमिंदर सिंह, सुरेंद्र सिंह और पड़ोसियों से जानकारी ली। पता चला कि मनोज बृहस्पतिवार को किसी महिला से बातचीत कर रहा था और पागल-पागल बोल रहा था। पुलिस ने मनोज के मोबाइल को भी जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।
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बागेश्वर जिले के दुलम कपकोट निवासी मनोज कुमार आर्य (25) पुत्र त्रिलोक राम आर्य आवास विकास स्थित एक निजी अस्पताल में तीन साल से कर्मचारी (रिस्पेशनिस्ट) था। विवेकानंद स्कूल के पास अस्पताल के हॉस्टल में मनोज रहता था। बृहस्पतिवार दोपहर जब मनोज के साथी सलमान ने उसे आवाज लगाई तो उसने दरवाजा नहीं खोला। इस पर उसने जोर से धक्का मारा तो वह कमरे में फंदे पर लटका था। सूचना पर भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी। परिजनों के आने पर पुलिस ने तलाशी की। कमरे से पुलिस ने शराब की बोतल, जो आधी भरी थी (रॉयल स्टैग), सिगरेट, नमकीन, मोबाइल और सुसाइड नोट बरामद किया।
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सुसाइड नोट मम्मी और पापा को संबोधित था। इसमें लिखा गया था कि वह बेरोजगारी से तंग है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। उसकी मौत के बाद एफआईआर और पोस्टमार्टम कराने की जरूरत नहीं है। पुलिस के अनुसार मृतक की अभी शादी नहीं हुई थी। पुलिस का प्रथमदृष्टया मानना है कि शराब पीने के बाद उसने जान दी है। वहीं, पुलिस का यह भी कहना है कि सुसाइड नोट में बेरोजगारी से तंग होने की बात लिखी है, जबकि वह तीन साल से अस्पताल में नौकरी कर रहा था। पुलिस का कहना है मामले की जांच की जा रही है।
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एक दिन पहले किसी महिला से बात कर रहा था मनोज
चौकी प्रभारी ने बताया कि घटना के बाबत पुलिस ने मनोज के साथी परमिंदर सिंह, सुरेंद्र सिंह और पड़ोसियों से जानकारी ली। पता चला कि मनोज बृहस्पतिवार को किसी महिला से बातचीत कर रहा था और पागल-पागल बोल रहा था। पुलिस ने मनोज के मोबाइल को भी जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।