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मोटाहल्दु खनन निकासी गेट के समीप बीमारी के चलते हाथी की मौत।
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हल्दूचौड़/लालकुआं (नैनीताल)। गौला नदी के मोटाहल्दू खनन निकासी गेट के पास जंगल में एक नर हाथी का शव मिला है। जिसकी उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है। हाथी के शरीर में चोट के निशान नहीं मिले हैं। वन विभाग और चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम के बाद विसरा सुरक्षित रख हाथी के शव दफना दिया है।
मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने गौला नदी के मोटाहल्दू खनन निकासी गेट के पास एक हाथी का शव देखा। सूचना पर वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त दीपचंद्र, तराई पूर्वी वन प्रभाग के एसडीओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया, गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी वनकर्मियों और पशु चिकित्सकों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रथमदृष्टया जांच में हाथी की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका। बताया कि हाथी के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे और सभी अंग सुरक्षित थे।
इसके बाद नैनीताल चिड़ियाघर से आए वरिष्ठ चिकित्सक एवं वन विभाग के चिकित्सकों की टीम ने संयुक्त रूप से शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें पेट की आंत के उलझने से हाथी की मौत बताई गई है। इस दौरान वन विभाग के वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त दीपचंद्र आदि मौजूद रहे। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश भी दिए। गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को दफना दिया है।
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मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने गौला नदी के मोटाहल्दू खनन निकासी गेट के पास एक हाथी का शव देखा। सूचना पर वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त दीपचंद्र, तराई पूर्वी वन प्रभाग के एसडीओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया, गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी वनकर्मियों और पशु चिकित्सकों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रथमदृष्टया जांच में हाथी की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका। बताया कि हाथी के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे और सभी अंग सुरक्षित थे।
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इसके बाद नैनीताल चिड़ियाघर से आए वरिष्ठ चिकित्सक एवं वन विभाग के चिकित्सकों की टीम ने संयुक्त रूप से शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें पेट की आंत के उलझने से हाथी की मौत बताई गई है। इस दौरान वन विभाग के वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त दीपचंद्र आदि मौजूद रहे। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश भी दिए। गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को दफना दिया है।
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