देहरादून तक दौड़ाकर निकाल दिया सिटी बसों का दम
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हल्द्वानी। कभी टेंपो के विकल्प के रूप में हल्द्वानी वासियों को राहत देने और नजदीकी स्टेशनों तक सुविधाजनक यात्रा के लिए रोडवेज के बेड़े में शामिल की गईं जेएनएनआरयूएम की सिटी बसों को प्रबंधन ने देहरादून के लंबे रूटों पर संचालित कर खटारा कर दिया है। बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी करीब 20 सिटी बसें काठगोदाम स्थित वर्कशॉप में खड़ी हैं। जबकि दो बसें खटारा होने के बाद नीलाम की जा चुकी हैं।
राज्य के खस्ताहाल उबड़खाबड़ लंबे रूटों पर लगातार संचालन के बाद जेएनएनयूआरएम की बसों की स्थिति खस्ताहाल हो चुकी है। बसें अपनी मियाद पूरी करने से पहले ही खटारा हो गई हैं। कई बार बसों के रास्ते में ब्रेकडाउन होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश बसों के खराब होने से इन बसों पर ड्यूटी दे रहे चालक-परिचालकों के सामने भी आर्थिक संकट आ गया है।
ड्यूटी न मिलने से उनकी आय का स्रोत खत्म हो गया है। इस समस्या को देखते हुए कुछ कर्मचारी संगठन अब जेएनएनआरयूएम के डिपो में रोडवेज की बसें शामिल करने की मांग कर रहे हैं। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री रामअवध यादव ने बताया कि जेएनएनआरयूएम की बसों को जिस तकनीक से बनाया गया है, वह उबड़खाबड़ मार्गों पर चलने के सक्षम नहीं हैं।
उनका संचालन सिर्फ सिटी क्षेत्र में होना चाहिए था। लेकिन प्रबंधन द्वारा इन बसों को राज्यभर के लंबे रुटों पर चलाया गया। इस कारण आज 24 बसें ही संचालन की स्थिति में हैं। काठगोदाम स्थित जेएनएनआरयूएम के डिपो को 2 लाख 17 हजार रुपए का दैनिक लक्ष्य दिया गया था, लेकिन बसों के अभाव में दैनिक आय डेढ़ लाख से अधिक नहीं पहुंच पा रही है।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने भवाली, अल्मोड़ा, रानीखेत के डिपो में खड़ी रोडवेज बसों को जेएनएनआरयूएम के डिपो में शामिल कर इन चालक-परिचालकों को ड्यूटी देने की मांग की है। इस संबंध में रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक (संचालन) कुशीराम ने कहा कि जेएनएनआरयूएम की बसों के रखरखाव में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। काठगोदाम डिपो में ही बसों की सर्विसिंग की व्यवस्था की गई है।