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Nainital News: बारिश नहीं होने से सूखने के कगार पर फसलें
Sun, 07 Jan 2024 01:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 07 Jan 2024 01:10 AM IST
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बेतालघाट के सिल्टोना में बारिश नहीं होने से सूखने लगे खेत।
गरमपानी(नैनीताल)। पांच माह से बारिश नहीं होने से बेतालघाट ब्लॉक के सब्जी और फसल उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को खेतों में लगी फसलों के खराब होने की चिंता सताने लगी है। बारिश के अभाव में असिचिंत भूमि से जुड़े किसान परेशान हैं।
सीम, ढौन, व्यासी, गजार, दडमाड़ी, बजेड़ी, जजुला, बारगल, गरजोली में किसानों ने मटर, गेहूं, जौ, सरसों और मसूर की फसल बोई है। इन दिनों फसलों को पानी की जरूरत हैं जो उन्हें नहीं मिल पा रहा है। गरजोली निवासी भास्कर गरजोला और जोग्याड़ी निवासी हरीश गिरी ने बताया कि बारिश नहीं होने से मटर और गेहूं की फसल कम उग पाई है। आडू, प्लम और खुबानी के बगीचों को पानी नहीं मिलने से खेत बंजर होने से पड़ों की खुदाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने कहा कि 15 जनवरी तक औसतन बारिश नहीं हुई तो 60 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बाद हो जाएंगी। कहा कि सिंचाई नहरों के क्षतिग्रस्त होने से फसलों को पानी नहीं मिल पा रहा है। उधर भीमताल, बेतालघाट, धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ में भी बारिश नहीं होने से किसान मायूस हैं। जिले में 25 हजार हेक्टेयर में रवि की फसलों की खेती की जाती है। जिले में 48 हजार से अधिक किसान खेतीबाड़ी कर आजीविका चलाते हैं। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव ने कहा कि इस माह के अंत तक बारिश नहीं होने से रवि की फसलों पर विपरीत असर देखने को मिल सकता है। हालांकि जनवरी के अंत तक औसतन बारिश होने की उम्मीद है। बारिश अच्छी होने के बाद फसलों के उत्पादन को लाभ मिलेगा।
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सीम, ढौन, व्यासी, गजार, दडमाड़ी, बजेड़ी, जजुला, बारगल, गरजोली में किसानों ने मटर, गेहूं, जौ, सरसों और मसूर की फसल बोई है। इन दिनों फसलों को पानी की जरूरत हैं जो उन्हें नहीं मिल पा रहा है। गरजोली निवासी भास्कर गरजोला और जोग्याड़ी निवासी हरीश गिरी ने बताया कि बारिश नहीं होने से मटर और गेहूं की फसल कम उग पाई है। आडू, प्लम और खुबानी के बगीचों को पानी नहीं मिलने से खेत बंजर होने से पड़ों की खुदाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने कहा कि 15 जनवरी तक औसतन बारिश नहीं हुई तो 60 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बाद हो जाएंगी। कहा कि सिंचाई नहरों के क्षतिग्रस्त होने से फसलों को पानी नहीं मिल पा रहा है। उधर भीमताल, बेतालघाट, धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ में भी बारिश नहीं होने से किसान मायूस हैं। जिले में 25 हजार हेक्टेयर में रवि की फसलों की खेती की जाती है। जिले में 48 हजार से अधिक किसान खेतीबाड़ी कर आजीविका चलाते हैं। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव ने कहा कि इस माह के अंत तक बारिश नहीं होने से रवि की फसलों पर विपरीत असर देखने को मिल सकता है। हालांकि जनवरी के अंत तक औसतन बारिश होने की उम्मीद है। बारिश अच्छी होने के बाद फसलों के उत्पादन को लाभ मिलेगा।
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