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झील के गिरते जल स्तर पर शासन गंभीर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
Updated Sat, 01 Apr 2017 01:57 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। नैनीझील के लगातार गिरते जल स्तर के मामले में शासन गंभीर है। प्रदेश के प्रमुख सचिव (सिंचाई) आनंद वर्धन ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डीएम समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों से झील के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को नैनीझील में जल संभरण के उपायों के साथ झील के ट्रीटमेंट संबंधी स्टीमेट बनाने के भी निर्देश दिए।
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प्रमुख सचिव नेे प्रशासनिक अधिकारियों से झील की गहराई, उसमें पानी कम होने के साथ झील के गिरते जलस्तर के बारे में विचार विमर्श कर समस्या के निराकरण के लिए सुझाव मांगे। कहा कि नैनीझील का ऐतिहासिक महत्व है। यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी है। ऐसे में झील की सुरक्षा एवं उसके सौंदर्य बढ़ाने के लिए दूरगामी योजना बनाई जानी चाहिए।
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डीएम दीपक रावत ने प्रमुख सचिव सिंचाई को बताया कि प्रतिवर्ष वर्षा के अभाव में गर्मियों में झील का जलस्तर घट जाता है। इस झील से नैनीताल शहर को 12 से 14 एमएलडी पेयजल की सप्लाई पंपिंग से की जाती है। सीजन के दौरान पेयजल की आपूर्ति 19 एमएलडी तक हो जाती है। वर्ष 1879 में नैनीझील की गहराई 27 मीटर होने का जिक्र है।
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पिछले साल सीजन शुरू होने से पहले विभागीय प्रयासों एवं जनसहयोग से झील में बने डेल्टाओं की सफाई कर कई टन मलबा निकाला गया था। बारिश होने के बाद नैनीझील का जलस्तर सामान्य हो जाता है।
इस दौरान सीई (सिंचाई) डीसी खेतवाल, ईई ( सिंचाई) बृजेंद्र कुमार, जल संस्थान के एसई एके अंसारी, ईई जगदीप चौधरी, प्राधिकरण के सीएस साह, ईओ रोहिताश शर्मा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राजीव जोशी आदि थे।