फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Timardar beaten

मरीज के तीमारदार को आईसीयू में खींचकर पीटा

Sun, 10 May 2015 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sun, 10 May 2015 02:05 AM IST
विज्ञापन
Timardar beaten

सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज की जगह गुंडई होती जा रही है। शनिवार को एक डाक्टर ने मरीज के पुत्र को आईसीयू में खींचकर पीटा। हंगामा होने पर आईसीयू के डाक्टर अस्पताल से गायब हो गए, जो चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) के बुलाने पर भी मौके पर नहीं आए। इस मामले में पीड़ित ने मेडिकल चौकी में तहरीर दी, लेकिन डाक्टर के लिखित में माफी मांगने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

विज्ञापन


गंगोलीहाट ग्राम एटानी निवासी लक्ष्मण सिंह को सात मई को मेडिसिन विभाग के वार्ड आठ में भर्ती कराया गया था। सिंह को सांस लेने और खाना खाने में दिक्कत हो रही थी। लक्ष्मण के पुत्र पप्पू सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह तबियत बिगड़ने पर नर्स से देखने को कहा, मगर नर्स अनसुना कर चली गई। पास के कक्ष में बैठे डाक्टर भी देखने नहीं आए। पप्पू ने बताया कि पिता की मौत होने के बाद डाक्टर ने इलाज करना शुरू किया। इस बीच लक्ष्मण को आईसीयू में मेडिसिन लेकर आने कहा गया। पप्पू अपने पिता लक्ष्मण को स्ट्रेचर पर लेकर आईसीयू पहुंचा तो आरोप है कि वहां मौजूद पीजी के छात्र डा. नरेंद्र शर्मा ने उसे पकड़कर अंदर खींच लिया और जमकर पिटाई की।
विज्ञापन


पप्पू ने पिटाई होने के बाद आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक हरीश रावत को सूचना दी। इस पर रावत अपने साथियों के साथ एसटीएच पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पप्पू ने डाक्टरों के खिलाफ तहरीर मेडिकल चौकी इंचार्ज को दी। एमएस डा. एके पांडेय ने बताया कि पीजी के छात्र डा. नरेंद्र शर्मा ने पप्पू की पिटाई की थी और लिखित में माफी मांगने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


एमएस से लेकर नर्स तक के एप्रिन पर नहीं थी नेम प्लेट
सुशीला तिवारी अस्पताल में एमएस से लेकर नर्स तक सारे नियम-कायदे अपनी जेब में रखकर चलते हैं। शनिवार को एमएस (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) से लेकर नर्स तक किसी के भी एप्रिन पर नेम प्लेट नहीं लगी थी। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आरसी पुरोहित ने कहा कि नेम प्लेट लगाने के सभी को निर्देश हैं, अगर डाक्टरों ने ऐसा किया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


मरीज या उसके तीमारदार के साथ अभद्रता और मारपीट करना बहुत गंभीर मामला है। इस मामले में दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही शासन को भी लिखा जाएगा।
-डा. आरसी पुरोहित, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed