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अल्मोड़ा की तीन नाबालिग लड़कियां खैरना से बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, गरमपानी (नैनीताल)
Updated Sat, 24 Jan 2015 02:08 AM IST
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अपने-अपने घरों से नाराज होकर आत्महत्या के इरादे से भागी तीन नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। लोगों ने इन नाबालिगों को भगाने के शक में किच्छा के एक व्यक्ति को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया, हालांकि पूछताछ के बाद इस घटना में शामिल न होने पर उसे छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार शाम अल्मोड़ा जिले के एक गांव के अलग-अलग परिवार की तीन बच्चियां लापता हो गईं। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला तो उनके परिजनाें ने अल्मोड़ा के महिला थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी।
इधर, खैरना चौकी प्रभारी देवनाथ गोस्वामी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम तीनों बच्चियां क्वारब पहुंचीं थीं। उन्होंने वहां एक दुकान से किसी को फोन किया। शक होने पर दुकानदार ने बच्चियों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। इससे पहले कि परिजन मौके पर पहुंचते तब तक बच्चियां किसी वाहन में सवार होकर खैरना की ओर चलीं गईं।
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परिजन के साथ अल्मोड़ा और खैरना पुलिस रातभर बच्चियों को ढूंढती रहीं, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
चौकी प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब छह बजे तीनों बच्चियों को कालिका मोड़ के पास से बरामद किया गया। पूछताछ में तीनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कालिका मंदिर के पास रात गुजारी तथा वे सड़क निर्माण के काम में लगे किच्छा निवासी एक मजदूर के कहने पर खैरना तक पहुंचीं थीं।
हालांकि, अल्मोड़ा महिला थानाध्यक्ष बसंती आर्या का कहना है कि तीनों लड़कियों ने अपने बयान में किसी भी व्यक्ति के लिप्त होने की बात नहीं कही है। तीनों का कहना था कि वे नाराज होकर आत्महत्या के इरादे से घर से निकल र्गइं थीं, लेकिन कुछ अनहोनी से पहले ही उनके बारे में सूचना मिल गई।
बसंती आर्या ने भी बच्चियों को खैरना से अल्मोड़ा ले जाकर पूछताछ की थी, जिसके बाद तीनों बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
खैरना चौकी प्रभारी गोस्वामी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम ही क्वारब और आसपास के कुछ ग्रामीणों ने शक होने पर किच्छा के एक व्यक्ति को पकड़कर अल्मोड़ा पुलिस के हवाले कर दिया था, जब वह बच्चियों के पीछे-पीछे पैदल खैरना की ओर आ रहा था। बाद में उसे छोड़ दिया गया।
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जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार शाम अल्मोड़ा जिले के एक गांव के अलग-अलग परिवार की तीन बच्चियां लापता हो गईं। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला तो उनके परिजनाें ने अल्मोड़ा के महिला थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी।
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इधर, खैरना चौकी प्रभारी देवनाथ गोस्वामी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम तीनों बच्चियां क्वारब पहुंचीं थीं। उन्होंने वहां एक दुकान से किसी को फोन किया। शक होने पर दुकानदार ने बच्चियों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। इससे पहले कि परिजन मौके पर पहुंचते तब तक बच्चियां किसी वाहन में सवार होकर खैरना की ओर चलीं गईं।
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परिजन के साथ अल्मोड़ा और खैरना पुलिस रातभर बच्चियों को ढूंढती रहीं, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
चौकी प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब छह बजे तीनों बच्चियों को कालिका मोड़ के पास से बरामद किया गया। पूछताछ में तीनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कालिका मंदिर के पास रात गुजारी तथा वे सड़क निर्माण के काम में लगे किच्छा निवासी एक मजदूर के कहने पर खैरना तक पहुंचीं थीं।
हालांकि, अल्मोड़ा महिला थानाध्यक्ष बसंती आर्या का कहना है कि तीनों लड़कियों ने अपने बयान में किसी भी व्यक्ति के लिप्त होने की बात नहीं कही है। तीनों का कहना था कि वे नाराज होकर आत्महत्या के इरादे से घर से निकल र्गइं थीं, लेकिन कुछ अनहोनी से पहले ही उनके बारे में सूचना मिल गई।
बसंती आर्या ने भी बच्चियों को खैरना से अल्मोड़ा ले जाकर पूछताछ की थी, जिसके बाद तीनों बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
खैरना चौकी प्रभारी गोस्वामी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम ही क्वारब और आसपास के कुछ ग्रामीणों ने शक होने पर किच्छा के एक व्यक्ति को पकड़कर अल्मोड़ा पुलिस के हवाले कर दिया था, जब वह बच्चियों के पीछे-पीछे पैदल खैरना की ओर आ रहा था। बाद में उसे छोड़ दिया गया।