फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   The scope of animal smuggling spans four states

चार राज्यों तक फैला पशु तस्करी का दायरा

Tue, 15 Dec 2015 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर।
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर। Updated Tue, 15 Dec 2015 01:37 AM IST
विज्ञापन

 बरेली में दरोगा मनोज मिश्रा की हत्या और गदरपुर में सिपाही बसंत बोरा को रौंदकर मारने की वारदातों से साबित हो गया है कि पशु तस्करों का नेटवर्क सिर्फ एक प्रांत तक सीमित नहीं है।

विज्ञापन


पुलिस की जांच में आया है कि करोड़ों के कारोबार में पशु तस्करों का दायरा उत्तराखंड से लेकर यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला है। पशुओं को सुरक्षित पहुंचाने के लिए तस्कर वाहन चालकों को इनाम देते हैं।
विज्ञापन


इसी कारण चालक पशुओं को पहुंचाने में जान की बाजी लगा देते हैं। यूपी के उन्नाव में भैंस, भैंसा के साथ पड़वा और बैल, गाय पश्चिम बंगाल के स्लाटर हाउस में सप्लाई किये जाते हैं। कहा जाता है कि पशु तस्करों के ऊपर सफेदपोशों और नौकरशाहों का भी हाथ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पशु तस्करों के गिरोह यूपी के कानपुर और इलाहाबाद में पशुओं को इकट्ठा करते हैं। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के छोटे छोटे तस्कर गाय,बैल, भैंस, भैंसा, पड़वा की चोरी कर या सस्ते दर पर खरीदकर बड़े गिरोह को बेच देते हैं। छोटे छोटे गिरोह ही हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर से पशुओं को उठाते हैं।

 पशुओं को ट्रक या जीपों में भरने के बाद कई दिनों तक उनको चारा नसीब नहीं होता है। तस्कर भैंस, भैंसा और पड़वा को वध के लिए उन्नाव स्थित स्लाटर हाउसों में भेज देते हैं। इसी प्रकार गाय, बैल, बछिया वध के लिए बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजे जाते हैं। तस्कर जिलेवार थानों के रेट तय कर लेते हैं।

ट्रक पार होने के बाद तस्करों के एजेंट थानावार पैसा थाने के कारखास (पैसा वसूलने वाला सिपाही) को देते हैं। पशु तस्करों के वाहन को पकड़ने पर सफेदपोश मदद कर उनको छुड़ा देते हैं। यदि किसी जिले के पुलिस अधिकारी सख्त हो जाते हैं तो ट्रकों का पार होना मुश्किल हो जाता है।


ऐसे हालात में तीन प्रांतों की चेकपोस्ट पार कराने में नौकरशाह और सफेदपोश  मददगार साबित होते हैं। इनाम के चक्कर में ही पशु तस्कर सिपाहियों को भी कुछ नहीं समझते हैं। आड़े आने पर कुचलकर आगे बढ़ जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed