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चारों छात्रों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, भ्ाीमताल
Updated Fri, 22 May 2015 01:36 AM IST
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ग्राफिक ऐरा पर्वतीय विश्वविद्यालय में अध्ययनरत बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र बिक्रम धर्मसक्तू की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के दौरान उसके साथ मौजूद चारों छात्रों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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16 मई को ग्राफिक ऐरा में अध्ययनरत बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र बिक्रम धर्मसक्तू अपने दोस्तों अमन त्यागी पुत्र नवीन त्यागी निवासी संगम विहार मुजफ्फरनगर यूपी, रजत उपाध्याय पुत्र महेश चंद्र उपाध्याय निवासी मंडी हाउस दिल्ली, हरीश मेहरा पुत्र नारायण सिंह निवासी खोल्टा अल्मोड़ा और प्रतीक दरम्वाल पुत्र श्याम सिंह निवासी धनपुरी रामपुर रोड हल्द्वानी (सभी छात्र बीटेक तृतीय वर्ष) के साथ दोपहर करीब डेढ़ बजे संस्थान से आउट पास लेकर बाहर निकला था। पांचों छात्र घूमते हुए नलदमयंती ताल पहुंचे, जहां उन्होंने पहले शराब पी और उसके बाद नहाने के लिए ताल में उतर गए। इसी दौरान बिक्रम की ताल में डूबने से मौत हो गई थी।
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हादसे के दूसरे दिन मृतक छात्र के पिता चंद्र सिंह धर्मसक्तू ने पुलिस को तहरीर देकर बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। थानाध्यक्ष नित्यानंद पंत ने बताया कि बुधवार को बिक्रम छात्र के ताऊ कुंदन सिंह धर्मसक्तू निवासी दलीप नगर गूलरभोज (ऊधमसिंह नगर) की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि बिक्रम की मौत डूबने से नहीं हुई बल्कि उसे साजिशन मारा गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर उक्त चारों छात्रों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थानाध्यक्ष पंत ने बताया कि मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे दी गई है साथ ही उच्चाधिकारियों से मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी से कराने की भी मांग की गई है।
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मेरे बेटे को साजिशन मारा गया : पिता
बिक्रम धर्मसक्तू के परिजन गुरुवार को दर्जनों महिलाओं के साथ थाने पहुंचे, जहां उन्होंने थानाध्यक्ष को ज्ञापन देकर बिक्रम की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगाई। पिता चंद्र सिंह धर्मसक्तू ने रोते हुए कहा कि बिक्रम को साजिशन मारा गया है। वह तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि सच्चाई का पता नहीं चलता और बिक्रम के साथ न्याय नहीं होता। शामा गांव से पहुंची महिलाओं ने भी थानाध्यक्ष से न्याय की गुहार लगाई। बाद में महिलाओं ने ग्राफिक ऐरा विवि के गेट के सामने भी प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने वालों में भावना रावत, दीपाली देवी, कलावती देवी, नीमा देवी, तारा देवी, भागीदेवी, कौशल्या देवी, पार्वती देवी, पुष्पा देवी, मोहनी देवी आदि थे।