फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Jlnigm and filed on Jlsnsthan

जलनिगम और जलसंस्थान के खिलाफ मुकदमा

Sun, 25 Jan 2015 08:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sun, 25 Jan 2015 08:04 PM IST
विज्ञापन

गौलापार बाईपास और उससे सटी आरक्षित वन भूमि पर गंदगी फेंकने के मामले में वन विभाग की अब जाकर नींद टूटी है। नगर निगम के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद वन विभाग ने गौला में शहर का सीवर फेंके जाने पर जलनिगम और जलसंस्थान के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों ही कार्रवाई आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा की शिकायत पर हुई है।

विज्ञापन


हल्द्वानी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं। शहर की सीवर लाइन इंद्रानगर गेट के पास खुलती है। यहां से सीवर का नाला खुले में आरक्षित वन भूमि से होकर गौला में गिरता है। शहर से प्रतिदिन औसतन 26 एमएलडी सीवर का गंदा पानी बहता है। गौला का पानी पेयजल और सिंचाई के लिए इस्तेमाल होता है। सीवर गिरने से पानी भी प्रदूषित होता है। पिछले दिनों अमर उजाला ने इसकी पूरी पड़ताल कर खबर प्रकाशित की थी।
विज्ञापन


इसी के बाद आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा ने वन विभाग से आरक्षित वन भूमि में सीवर छोड़ने और गौला में फेंकने वाले विभागों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। खबर प्रकाशित होने एवं आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर वन विभाग ने जलनिगम के ईई वीके पंत, एई श्री रावत और जलसंस्थान ईई केसी पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वन विभाग ने पहले भी दिया था नोटिस
गौला में सीवर फेंकने के मामले में वन विभाग ने पहले ही जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी थी। वन क्षेत्राधिकारी गौला ने कहा था कि सीवर आरक्षित वन भूमि में छोड़ा जा रहा है। सीवर के गंदे पानी का अत्यधिक जलभराव होने से कई पेड़ सूख चुके हैं। नए पौधे उगने की स्थिति में नहीं हैं। सीवर से वन संपदा और वन्य जीवों को नुकसान हो रहा है। जलसंस्थान का यह कृत्य सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना है। सीवर बंद नहीं करने पर जलसंस्थान के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी थी।


ट्रीटमेंट प्लांट को हस्तांतरित हो चुकी है भूमि
गौला रौखड़ में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना है। इसके लिए वन विभाग से जलनिगम को भूमि हस्तांतरित हो चुकी है। प्लांट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन बजट के अभाव में प्लांट आज तक नहीं बन सका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed