{"_id":"92bdaa1c252e59420501918108cf1ada","slug":"between-smugglers-and-forest-personnel-firing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तस्करों और वन कर्मियों के बीच फायरिंग ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तस्करों और वन कर्मियों के बीच फायरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Fri, 06 Feb 2015 02:04 AM IST
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वन विभाग के कर्मियों और तस्करों के बीच बुधवार देर रात ढाई बजे
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जमकर फायरिंग हुई। कई राउंड चली गोलियों में वन दरोगा दीवान सिंह रौतेला
को छर्रे लगे, जबकि तस्कर मौके से फरार हो गए। वन विभाग की टीम ने सागौन के
तीन गिल्टे बरामद किए हैं।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के डिमरी ब्लाक में वन निगम को सागौन के पेड़ काटने के लिए लाट का आवंटन किया गया है। बुधवार देर रात वन विभाग की टीम गश्त कर रही थी। इस बीच सागौन के गिल्टे ले जा रहे तस्करों को वन विभाग की टीम ने रोका तो तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाब में वन कर्मियों ने भी फायर किए। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। फायरिंग में वन दरोगा दीवान सिंह रौतेला के छर्रे लगे, जबकि वन कर्मी मो. अकरम बाल-बाल बच गए। तस्कर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। टीम ने मौके से सागौन के तीन गिल्टे बरामद किए।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ सनातन ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या मिले साक्ष्य के आधार पर वन निगम कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। वन निगम कर्मियों के तस्करों से मिले होने की आशंका है। निगम कर्मियों की भूमिका के बारे में उच्चाधिकारियों को बताया गया है।
उन्होंने बताया कि बिंदुखेड़ा में सागौन के गिल्टे खेत में होने की सूचना मुखबिर से मिली। इस पर टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने बृहस्पतिवार को गन्ने के खेत से सागौन के नौ गिल्टे बरामद किए। तराई केंद्रीय के ही लामाचौड़ प्लेट 36 पर वन निगम की टीम ने बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे दो बाइक पर सागौन के गिल्टे ले जा रहे तस्करों का पीछा किया गया।
टीम को आता देख तस्कर फरार हो गए। टीम ने चार गिल्टे और दो बाइक सीज कर वन विभाग के सुपुर्द कर दी। वन निगम तस्करों की तलाश कर रहा है। आरओ राम सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के डिमरी ब्लाक में वन निगम को सागौन के पेड़ काटने के लिए लाट का आवंटन किया गया है। बुधवार देर रात वन विभाग की टीम गश्त कर रही थी। इस बीच सागौन के गिल्टे ले जा रहे तस्करों को वन विभाग की टीम ने रोका तो तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाब में वन कर्मियों ने भी फायर किए। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। फायरिंग में वन दरोगा दीवान सिंह रौतेला के छर्रे लगे, जबकि वन कर्मी मो. अकरम बाल-बाल बच गए। तस्कर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। टीम ने मौके से सागौन के तीन गिल्टे बरामद किए।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ सनातन ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या मिले साक्ष्य के आधार पर वन निगम कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। वन निगम कर्मियों के तस्करों से मिले होने की आशंका है। निगम कर्मियों की भूमिका के बारे में उच्चाधिकारियों को बताया गया है।
उन्होंने बताया कि बिंदुखेड़ा में सागौन के गिल्टे खेत में होने की सूचना मुखबिर से मिली। इस पर टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने बृहस्पतिवार को गन्ने के खेत से सागौन के नौ गिल्टे बरामद किए। तराई केंद्रीय के ही लामाचौड़ प्लेट 36 पर वन निगम की टीम ने बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे दो बाइक पर सागौन के गिल्टे ले जा रहे तस्करों का पीछा किया गया।
टीम को आता देख तस्कर फरार हो गए। टीम ने चार गिल्टे और दो बाइक सीज कर वन विभाग के सुपुर्द कर दी। वन निगम तस्करों की तलाश कर रहा है। आरओ राम सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।