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चार और लोगों के खाते से निकाले 99 हजार
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल।
Updated Fri, 04 Mar 2016 01:39 AM IST
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सरोवर नगरी नैनीताल में लोगों के खातों से एटीएम के माध्यम से फर्जी तरीके से रुपये निकालने का सिलसिला जारी रहा। बृहस्पतिवार को चार और लोगों के खातों से 99 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसकी शिकायत मल्लीताल कोतवाली में दर्ज कराई गई है। तीन दिन में 24 खातों से साढ़े पांच लाख से भी अधिक रुपये निकाले जा चुके हैं।
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कोतवाली के उप निरीक्षक इंद्रजीत ने मल्लीताल स्थित पीएनबी के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक शशिभूषण सोनकर से वार्ता की। उन्होंने शुक्रवार को एक्सपर्ट बुलाकर रॉयल होटल के पीछे स्थित एटीएम की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक परिक्षेत्रीय कार्यालय नैनीताल में तैनात हरीश चंद्र कर्नाटक ने शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा कि उनके पीएनबी के खाते से फर्जीवाड़ा कर 25 हजार रुपये, तारा भवन मल्लीताल निवासी पुष्पा तिवारी के पीएनबी खाते से दस हजार, बेतालघाट निवासी एलआईसी अभिकर्ता कृष्ण चंद्र बेलवाल के खाते से 50 हजार और पुलिस विभाग में कार्यरत गीता देवड़ी के खाते से 14 हजार रुपये निकालने की शिकायत दर्ज की गई है।
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बाजपुर के मोहल्ला मुंडिया पिस्तौर निवासी इसरार के खाते से भी एटीएम से 62 हजार रुपये निकाल लिए गए। बृहस्पतिवार कोतवाली में दी गई तहरीर में इसरार ने कहा कि रामपुर रोड स्थित एक्सिस बैंक शाखा में उसका खाता है। उसका एटीएम कार्ड 2013 में गुम हो गया था।
जिस पर बैंक ने पुराने एटीएम कार्ड को बंद कर नया एटीएम कार्ड जारी कर दिया था। लेकिन 26 और 27 फरवरी को पुराने एटीएम कार्ड से दिल्ली क्षेत्र में खाते से 62 हजार रुपये निकाल लिए गए। पैसे निकलने का कोई मैसेज भी नहीं आया। दो मार्च 2016 को बैंक शाखा प्रबंधक ने फोन से खाते में मात्र 165 रुपये शेष रहने की जानकारी दी।
पीएनबी की मल्लीताल नैनीताल स्थित शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक शशि भूषण सोनकर ने बताया जिन खातों से रुपये निकाले जाने की शिकायतें मिली हैं उन खातों को फ्रीज कर दिया गया है। उन्होंने खाताधारकों से कहा कि एटीएम से रुपये निकालने के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी व्यक्ति को अपने एटीएम कार्ड का नंबर न बताएं। ब्यूरो
नैनीताल के विभिन्न बैंको के खाता धारकों के खातों से फर्जीवाड़ा कर उनके खातों से रुपये उड़ाने वाला या तो कभी नैनीताल आया होगा या फिर उसका नैतीताल से कोई संबंध है।
क्योंकि रायल होटल के पीछे स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से 12 फरवरी को गीता देवड़ी के खाते से 20 हजार रुपये निकाले गए थे और इसी एटीएम में पुलिस द्वारा बैंक अधिकारियों के साथ बुधवार को चैकिंग के दौरान एटीएम मशीन में कुछ चिपकाए जाने के निशान भी प्राप्त हुए हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि जिस व्यक्ति ने 12 फरवरी को पीएनबी के इस एटीएम से रुपये होंगे उसी ने फर्जीवाड़ा कर दो दर्जन से अधिक लोगों के खातों से रुपये उड़ाए गए होंगे। बता दें इस बैंक के एटीएम में कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं है और इसी का फायदा शातिर ने उठाया।
फिलहाल पूरे प्रकरण में आशंका जताई जा रही है कि शातिर ने एटीएम में चिप और कैमरा लगाया होगा और जिन लोगों के द्वारा इस दौरान एटीएम का प्रयोग किया गया होगा उनके एटीएम कार्ड से संबंधित सभी डाटा चिप के माध्यम से उसके पास पहुंच गया होगा और कैमरे की मदद से उसने पिन नंबर हासिल कर लिया होगा। फिलहाल मामले में पुलिस इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है।
दो दिनों में नैनीताल एवं भीमताल में उपभोक्ताओं के खाते से लाखों रुपये निकलने के बाद बैंकों में अब जांच की तैयारी हो रही है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम घटना की रिपोर्ट मुंबई भेजने की तैयारी कर रहे हैं। मुंबई से ही तय होगा कि आरबीआई जांच के लिए टीम भेजेगी या नहीं। एजीएम ने माना कि ये पहली घटना नहीं हैं और ग्राहकों को सावधानी बरतनी होगी।
सोमवार की रात एवं मंगलवार को हैकर्स ने उपभोक्ताओं के बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए थे। खाते से धनराशि निकलने के बाद उपभोक्ताओं ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बैंकों ने अपने स्तर से मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में रिजर्व बैंक आफ इंडिया के एजीएम सुप्रभात (देहरादून) ने बताया कि लीड बैंक मैनेजर केएल आर्या ने बृहस्पतिवार को घटना की जानकारी दी।
बैंकों से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट मुंबई मुख्यालय भेजी जाएगी। मुख्यालय के अधिकारी तय करेंगे कि जांच के लिए तकनीकी अधिकारियों की टीम भेजनी है या नहीं। जिन बैंक के ग्राहकों के साथ घटना हुई है उन्होंने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
वे अपनी तकनीकी शाखा से मामले की जांच करा रहेे हैं और ये पता करने का प्रयास कर रहे हैं कि गलती कहां हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं और ग्राहकों को जागरूक रहना होगा। उन्होंने कहा कि एटीएम के बाहर सिक्योरिटी गार्ड रखना आरबीआई के मानकों के तहत अनिवार्य नहीं है।
ये बैंकों के विवेक पर निर्भर करता है। कहा कि ग्राहकों के एटीएम कार्ड ब्लाक कराने की सलाह देना गलत है। कितने ग्राहकों के कार्ड ब्लाक कर नए कार्ड जारी करते रहेंगे। कहा कि हर बैंक को सुनिश्चित करना चाहिए कि एटीएम में सीसीटीवी लगे हों और हेलमेट पहनकर कोई अंदर न जाए।