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विभाग के कई अफसर खुद को बचाने में जुटे
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रामनगर/हल्द्वानी। अवैध खनन में सीज दो वाहनों को छुड़ाने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते वनदरोगा के रंगेहाथों पकड़े जाने से वन विभाग में खलबली मची है। वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. पराग मधुकर धकाते ने तराई केंद्रीय वन प्रभाग में तैनात एसडीओ उमेश चंद्र तिवारी को जांच सौंपी है। दो वनाधिकारियों पर कार्रवाई होने के बावजूद नए, पुराने कार्मिकों के लपेटे में आने की आशंका है। कई वनाधिकारी खुद को बचाने में जुटे हैं, इसीलिए इन दिनों विभाग में बैठकों का दौर चल रहा है।
जसपुर निवासी वन दरोगा शैलेंद्र चौहान रामनगर रेंज तराई पश्चिमी वन प्रभाग की गुलजारपुर चौकी काशीपुर में तैनात था। अवैध खनन में सीज दो वाहनों को छोड़ने के लिए एक लाख रुपये मांगने पर उसे दो अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्ता वाहन स्वामी का कहना था कि उसे रेंजर रामकुमार वर्मा ने ही वन दरोगा के पास भेजा था। इसलिए डीएफओ हिमांशु बागरी ने रेंजर वर्मा को अपने कार्यालय से संबद्ध कर बैलपड़ाव के रेंजर संतोष पंत को अतिरिक्त चार्ज सौंपा है। डीएफओ ने कुछ माह पहले ही इस प्रभाग में चार्ज लिया है। इसलिए वह प्रभाग का काम अभी समझ ही रहे हैं। उनका कहना है कि विभागीय जांच में दोषी हर अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से चिंतित लोगों का कहना है कि लोकसेवकों की संपत्ति की जांच करके भी भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को तलाशा जा सकता है।
खुद को बचाने में जुटे कई वनाधिकारी
वन विभाग में दो दिन से चल रहा बैठकों का दौर
रिश्वत प्रकरण में वन दरोगा की गिरफ्तारी का मामला
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जसपुर निवासी वन दरोगा शैलेंद्र चौहान रामनगर रेंज तराई पश्चिमी वन प्रभाग की गुलजारपुर चौकी काशीपुर में तैनात था। अवैध खनन में सीज दो वाहनों को छोड़ने के लिए एक लाख रुपये मांगने पर उसे दो अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्ता वाहन स्वामी का कहना था कि उसे रेंजर रामकुमार वर्मा ने ही वन दरोगा के पास भेजा था। इसलिए डीएफओ हिमांशु बागरी ने रेंजर वर्मा को अपने कार्यालय से संबद्ध कर बैलपड़ाव के रेंजर संतोष पंत को अतिरिक्त चार्ज सौंपा है। डीएफओ ने कुछ माह पहले ही इस प्रभाग में चार्ज लिया है। इसलिए वह प्रभाग का काम अभी समझ ही रहे हैं। उनका कहना है कि विभागीय जांच में दोषी हर अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से चिंतित लोगों का कहना है कि लोकसेवकों की संपत्ति की जांच करके भी भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को तलाशा जा सकता है।
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खुद को बचाने में जुटे कई वनाधिकारी
वन विभाग में दो दिन से चल रहा बैठकों का दौर
रिश्वत प्रकरण में वन दरोगा की गिरफ्तारी का मामला