{"_id":"5c44dbbebdec22738c0f0b10","slug":"81548016574-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी सील जमीन पर बना दी दुकानें","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सरकारी सील जमीन पर बना दी दुकानें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। भूमाफिया के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि सरकारी सील जमीन पर दुकानें बनाकर खड़ी कर दी। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) हल्द्वानी में कार्यालय में लिखित शिकायत होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मटर गली में एक व्यायामशाला है। इसकी जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है। राजस्व उपनिरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार इस जमीन का मालिकाना हक उत्तराखंड राज्य सरकार का है। व्यायामशाला की खाली पड़ी जमीन जमीन पर व्यावसायिक दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। कुसुमखेड़ा निवासी ललित मोहन नेगी ने डीडीए और मुख्यमंत्री के समाधान पोर्टल में इसकी शिकायत की गई थी। पिछले वर्ष डीडीए के सचिव हरबीर सिंह ने व्यायामशाला परिसर को सील करा दिया था। परिसर की खाली पड़ी जमीन सील होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा। 10 अक्तूबर 2018 को नेगी ने विकास प्राधिकरण हल्द्वानी कार्यालय में लिखित शिकायत की। सूत्रों की मानें तो उपनिबंधक फर्म चिट्स एंड फंड कार्यालय हल्द्वानी की रिपोर्ट के अनुसार जनहित व्यायामशाला समिति विगत 2012 से निष्क्रिय है। इसके बावजूद धड़ल्ले से निर्माण होता रहा। मामले की जानकारी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उत्तराखंड, राज्यपाल को भेजी गई थी। तीनों कार्यालयों से मामले का संज्ञान लिया गया था, बावजूद इसके निर्माण कार्य हो गया।
सरकारी सील जमीन पर बना दी दुकानें
भूमाफिया के हौसले बुलंद, जिला विकास प्राधिकरण हल्द्वानी में लिखित शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन
मॉल मामले में भी प्रशासन ने दिखाई थी सुस्ती
हल्द्वानी। प्रेम सिनेमा के सामने बन रहे मॉल के मामले में भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करने में सुस्ती दिखाई थी। इस मामले में भोटियापड़ाव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य बंद कराया था। सवाल यह उठता है कि प्रशासनिक अधिकारी ऐसे मामलों में कार्रवाई करने से क्यों बचते हैं।
विज्ञापन
जिन लोगों ने निर्माण कार्य किया है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही जमीन नगर निगम की है और निगम से कहा जाएगा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।
-पंकज उपाध्याय, संयुक्त सचिव जिला विकास प्राधिकरण
विज्ञापन
मटर गली में एक व्यायामशाला है। इसकी जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है। राजस्व उपनिरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार इस जमीन का मालिकाना हक उत्तराखंड राज्य सरकार का है। व्यायामशाला की खाली पड़ी जमीन जमीन पर व्यावसायिक दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। कुसुमखेड़ा निवासी ललित मोहन नेगी ने डीडीए और मुख्यमंत्री के समाधान पोर्टल में इसकी शिकायत की गई थी। पिछले वर्ष डीडीए के सचिव हरबीर सिंह ने व्यायामशाला परिसर को सील करा दिया था। परिसर की खाली पड़ी जमीन सील होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा। 10 अक्तूबर 2018 को नेगी ने विकास प्राधिकरण हल्द्वानी कार्यालय में लिखित शिकायत की। सूत्रों की मानें तो उपनिबंधक फर्म चिट्स एंड फंड कार्यालय हल्द्वानी की रिपोर्ट के अनुसार जनहित व्यायामशाला समिति विगत 2012 से निष्क्रिय है। इसके बावजूद धड़ल्ले से निर्माण होता रहा। मामले की जानकारी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उत्तराखंड, राज्यपाल को भेजी गई थी। तीनों कार्यालयों से मामले का संज्ञान लिया गया था, बावजूद इसके निर्माण कार्य हो गया।
विज्ञापन
सरकारी सील जमीन पर बना दी दुकानें
भूमाफिया के हौसले बुलंद, जिला विकास प्राधिकरण हल्द्वानी में लिखित शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन
मॉल मामले में भी प्रशासन ने दिखाई थी सुस्ती
हल्द्वानी। प्रेम सिनेमा के सामने बन रहे मॉल के मामले में भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करने में सुस्ती दिखाई थी। इस मामले में भोटियापड़ाव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य बंद कराया था। सवाल यह उठता है कि प्रशासनिक अधिकारी ऐसे मामलों में कार्रवाई करने से क्यों बचते हैं।
विज्ञापन
जिन लोगों ने निर्माण कार्य किया है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही जमीन नगर निगम की है और निगम से कहा जाएगा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।
-पंकज उपाध्याय, संयुक्त सचिव जिला विकास प्राधिकरण