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फल खरीद रहे थे, 42 हजार पार हो गए
Updated Mon, 31 Jul 2017 02:06 AM IST
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हल्द्वानी। शहर में उच्चके एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। रविवार को दिनदहाड़े मंगलपड़ाव चौकी के पास आढ़ती के बैग से उच्चकों ने पर्स में रखे 42 हजार रुपये उड़ा दिए। आढ़ती फल खरीद रहे थे। उच्चकों ने कब रुपये उड़ा दिए आढ़ती को जरा भी आभास नहीं हुआ। कोतवाली पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में तीन युवकों के चेहरे सामने आए हैं।
धान मिल बरेली रोड निवासी आढ़ती भीम सिंह मेहरा किसी काम से रानीखेत गए थे। रविवार की दोपहर वह लौटे और मंगल पड़ाव में रुककर फल खरीदने लगे। उन्होंने रुपये देने के लिए बैग से पर्स निकालना चाहा मगर पर्स न होने से उनके होश उड़ गए। उनका कहना था कि पर्स में 42 हजार रुपये थे। उन्होंने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी में यह बात सामने आई है कि तीन युवकों ने वारदात की है। बता दें कि उचक्कों ने दो दिन पहले कालाढूंगी रोड पर दवा कंपनी के प्रतिनिधि का बैग उड़ाया लेकिन दवा कंपनी के प्रतिनिधियों ने उसे धर दबोचा। रोडवेज में शनिवार को एक मजदूर ने पर्स मारते समय उचक्के को पकड़ लिया था। रामलीला मोहल्ले में भी दो दिन पहले उचक्का पकड़ा गया था।
कहां गई सिविल ड्रेस की पुलिस
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने उचक्कों को पकड़ने के लिए बाजार में सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए थे लेकिन पुलिस एक भी उचक्के को पकड़ने में विफल रही। चार घटनाएं साबित करती हैं कि बाजार में उचक्के घूम रहे हैं।
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धान मिल बरेली रोड निवासी आढ़ती भीम सिंह मेहरा किसी काम से रानीखेत गए थे। रविवार की दोपहर वह लौटे और मंगल पड़ाव में रुककर फल खरीदने लगे। उन्होंने रुपये देने के लिए बैग से पर्स निकालना चाहा मगर पर्स न होने से उनके होश उड़ गए। उनका कहना था कि पर्स में 42 हजार रुपये थे। उन्होंने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी में यह बात सामने आई है कि तीन युवकों ने वारदात की है। बता दें कि उचक्कों ने दो दिन पहले कालाढूंगी रोड पर दवा कंपनी के प्रतिनिधि का बैग उड़ाया लेकिन दवा कंपनी के प्रतिनिधियों ने उसे धर दबोचा। रोडवेज में शनिवार को एक मजदूर ने पर्स मारते समय उचक्के को पकड़ लिया था। रामलीला मोहल्ले में भी दो दिन पहले उचक्का पकड़ा गया था।
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कहां गई सिविल ड्रेस की पुलिस
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने उचक्कों को पकड़ने के लिए बाजार में सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए थे लेकिन पुलिस एक भी उचक्के को पकड़ने में विफल रही। चार घटनाएं साबित करती हैं कि बाजार में उचक्के घूम रहे हैं।
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