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दहेज हत्या के आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज
Updated Sat, 29 Jul 2017 02:10 AM IST
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नैनीताल। दहेज हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी ने दहेज हत्या के आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय में बताया कि कुमाऊं कॉलोनी दमुवाढूंगा काठगोदाम निवासी गणेश लाल की पत्नी शांति देवी ने पिछले साल छह नवंबर को मुखानी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उन्होंने मई 2016 में अपनी पुत्री किरन की कोर्ट मैरिज जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा निवासी मदन राम के पुत्र गोपाल राम से कराई थी। विवाह के बाद किरन और उसका पति गोपाल राम परिवार से अलग दोनहरिया स्थित देवेंद्र सिंह बिष्ट के मकान में किराए पर रहने लगे। आरोप था कि विवाह के कुछ समय के बाद से ही किरन का पति गोपाल दहेज की मांग को लेकर किरन को प्रताड़ित करने लगा और मकान बनाने के लिए दहेज में रुपये और बाइक की मांग करने लगा। किरन ने उन्हें इसकी सूचना दी थी लेकिन शांति ने किरन को समझा बुझाकर शांत कर दिया था। पांच नवंबर 2016 को वादी शांति को पता चला कि किरन की मौत हो गई है। जब शांति किरन के कमरे में पहुंची तो किरन का शव पंखे से लटका मिला। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी पति गोपाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए, 304 बी के तहत के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत में शुक्रवार को आरोपी पति गोपाल का जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। बहस के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि किरन की मौत विवाह के छह माह के भीतर ही हुई है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय में बताया कि कुमाऊं कॉलोनी दमुवाढूंगा काठगोदाम निवासी गणेश लाल की पत्नी शांति देवी ने पिछले साल छह नवंबर को मुखानी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उन्होंने मई 2016 में अपनी पुत्री किरन की कोर्ट मैरिज जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा निवासी मदन राम के पुत्र गोपाल राम से कराई थी। विवाह के बाद किरन और उसका पति गोपाल राम परिवार से अलग दोनहरिया स्थित देवेंद्र सिंह बिष्ट के मकान में किराए पर रहने लगे। आरोप था कि विवाह के कुछ समय के बाद से ही किरन का पति गोपाल दहेज की मांग को लेकर किरन को प्रताड़ित करने लगा और मकान बनाने के लिए दहेज में रुपये और बाइक की मांग करने लगा। किरन ने उन्हें इसकी सूचना दी थी लेकिन शांति ने किरन को समझा बुझाकर शांत कर दिया था। पांच नवंबर 2016 को वादी शांति को पता चला कि किरन की मौत हो गई है। जब शांति किरन के कमरे में पहुंची तो किरन का शव पंखे से लटका मिला। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी पति गोपाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए, 304 बी के तहत के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत में शुक्रवार को आरोपी पति गोपाल का जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। बहस के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि किरन की मौत विवाह के छह माह के भीतर ही हुई है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी।