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पैदल चलते समय भी ईयरफोन न लगाए

Fri, 08 Feb 2019 01:51 AM IST
madan singh Madan Singh
Updated Fri, 08 Feb 2019 01:51 AM IST
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पैदल चलते समय भी ईयरफोन न लगाए
Aparajita
हल्द्वानी। ईयर फोन लगाकर गाड़ी चलाने पर दुर्घटना की संभावना अधिक रहती हैं लेकिन पैदल चलते समय भी लोगों को ईयरफोन नहीं लगाना चाहिए। ईयरफोन इस्तेमाल करने पर पीछे से आ रहे वाहनों की आवाज सुनाई नहीं देती है और दुर्घटना हो जाती है।
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बरेली रोड बेरीपड़ाव स्थित एवरग्रीन स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन, अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स की ओर से पुलिस की पाठशाला के दौरान मुख्य अतिथि एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और विशिष्ट अतिथि एआरटीओ गुरदेव सिंह ने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब दिए। एसपी सिटी ने कहा कि झुंड बनाकर सड़क पर चलने से भी दुर्घटना की संभावना रहती है। बच्चों को कोई समस्या आने पर माता-पिता और अध्यापक से बातें शेयर करनी चाहिए। अन्यथा कोई ब्लैकमेल कर सकता है। एआरटीओ गुरदेव सिंह ने कहा कि हेलमेट बाइक सवारों की जीवन सुरक्षा के लिए हैं। बगैर डीएल गाड़ी चलाना भी अपराध है। ईयर फोन लगाकर कभी रेलवे क्रॉसिंग या अन्य चौराहों को क्रास करने से दुर्घटना हो सकती है। रक्षाबंधन पर लड़कियों को अपने भाइयों को यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प दिलाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका कविता कांडपाल ने किया। कालेज के प्रबंधक एलडी पाठक, प्रधानाचार्य एमएस परवाल, उप प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार पाठक, चंद्रशेखर विरवानी, दीपक कांडपाल, ललित राठौर, मुकुल उप्रेती, जया पंत, पूनम सुयाल मौजूद रहे।
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पैदल चलते समय भी ईयरफोन न लगाएं
छात्र-छात्राएं माता-पिता से बातों को शेयर करें, रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों को यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प दिलाएं


छात्र- छात्राओं के सवाल एसपी के जवाब
प्रेरणा दुम्का - छात्राओं के समक्ष समस्या आने पर कहां शिकायत करनी चाहिए।
एसपी - प्रत्येक थाने में महिलाओं की समस्या सुनने के लिए महिला उपनिरीक्षक के नेतृत्व में एक डेस्क काम करती है जो महिलाओं को स्पेशल ट्रीटमेंट देती है।
मुकेश पांडे - पुलिस और एआरटीओ में क्या अंतर है। कुछ नाबालिग बच्चे बढ़ई की दुकानों में काम करते हैं।
एसपी - पुलिस कानून व्यवस्था संभालती है। एआरटीओ के पास यातायात उल्लंघन को रोकने की जिम्मेदारी है। बाल श्रम के मामले में अपनी समस्या लिखकर दें तो बच्चों के मामले में श्रम विभाग को पत्र भेजा जाएगा।
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खुशी भट्ट- छात्र नशा करते हैं, इसकी शिकायत कैसे करें।
एसपी- कालेज की शिकायत पेटिका में नशेड़ियों या तस्करों के रुकने के स्थान, समय को लिखकर डाल दें, पुलिस पत्र पढ़ने के बाद कार्रवाई करेगी। शिकायत कर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
दीक्षा पांडे - यदि कोई लड़की जा रही है, संदिग्ध पीछा कर रहे है तो क्या करना चाहिए।
एसपी- झगड़ा न करें। सार्वजनिक स्थान पर पहुंचकर लोगों की मदद लें। पुलिस या अभिभावक को सूचना दें।
प्रीती- एफआईआर में क्या लिखना चाहिए।
एसपी - एफआईआर में कम शब्दों में घटना, दिन, स्थान और समय लिखना चाहिए।
इन्होंने भी पूछे सवाल
योगेश शर्मा, तरुण पुरोहित, दीपक पुरी, कविता फुलारा, हिना रौतेला, कृति जोशी।
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