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एडीजी अशोक कुमार ने जायजा लिया
Updated Mon, 02 Jul 2018 01:50 AM IST
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हल्द्वानी। अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार रविवार को बेड़ा पोखरा स्थित कोचिंग संचालक भुवन भट्ट के घर पहुंचे। उन्होंने यहां 12 मिनट बिताए। घटनास्थल का बारीकी से जायजा किया और चल दिए।
रुद्रपुर से एडीजी का काफिला सीधे भुवन भट्ट के घर दोपहर 12:07 बजे पर पहुंचा। एडीजी ने घर के बाहरी हिस्से का मुआयना किया। फिर घर के अंदर उस कमरे में पहुंचे जहां डकैती हुई थी। यहां राधा भट्ट के भाई उमेश चौबे से घटना की जानकारी ली। एडीजी ने गैंग के एक कमरे से दूसरे कमरे में नहीं जाने पर आशंका जताई। फिर छत से बाहर जाने वाला रास्ता भी देखा। बाद में आईजी और एसएसपी से घटना पर चर्चा की। उन्होंने एसएसपी को बाहरी इलाकों में बसी बस्तियों रात की गश्त तेज करने, लोगों को अलार्म, सीसीटीवी कैमरा, गार्ड की ड्यूटी वगैरह के लिए सतर्क करने की अपील की। 12:19 बजे एडीजी का काफिला अस्पताल की ओर रवाना हो गया। इस दौरान आईजी पूरन सिंह रावत, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, एसपी अमित श्रीवास्तव, सीओ दिनेश चंद्र ढौंडियाल, राजीव मोहन, कोतवाल केआर पांडे आदि थे।
भुवन भट्ट का हालचाल भी जाना
हल्द्वानी। एडीजी अशोक कुमार दोपहर 12:42 पर मुखानी स्थित विवेकानंद अस्पताल पहुंचे। यहां सीधे निजी वार्ड में पहुंचे और कोचिंग संचालक भुवन भट्ट से हालचाल जाना। उन्होंने भुवन भट्ट से बात करने की। उन्होंने पूछा कि बदमाशों की भाषा बरेली, मुरादाबाद आदि किस शहर की थी। इस पर भुवन ने कहा कि उसे कुछ नहीं पता है। कुछ याद नहीं आ रहा है। बाद में भुवन की हालत बिगड़ने पर एडीजी ने सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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रुद्रपुर से एडीजी का काफिला सीधे भुवन भट्ट के घर दोपहर 12:07 बजे पर पहुंचा। एडीजी ने घर के बाहरी हिस्से का मुआयना किया। फिर घर के अंदर उस कमरे में पहुंचे जहां डकैती हुई थी। यहां राधा भट्ट के भाई उमेश चौबे से घटना की जानकारी ली। एडीजी ने गैंग के एक कमरे से दूसरे कमरे में नहीं जाने पर आशंका जताई। फिर छत से बाहर जाने वाला रास्ता भी देखा। बाद में आईजी और एसएसपी से घटना पर चर्चा की। उन्होंने एसएसपी को बाहरी इलाकों में बसी बस्तियों रात की गश्त तेज करने, लोगों को अलार्म, सीसीटीवी कैमरा, गार्ड की ड्यूटी वगैरह के लिए सतर्क करने की अपील की। 12:19 बजे एडीजी का काफिला अस्पताल की ओर रवाना हो गया। इस दौरान आईजी पूरन सिंह रावत, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, एसपी अमित श्रीवास्तव, सीओ दिनेश चंद्र ढौंडियाल, राजीव मोहन, कोतवाल केआर पांडे आदि थे।
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भुवन भट्ट का हालचाल भी जाना
हल्द्वानी। एडीजी अशोक कुमार दोपहर 12:42 पर मुखानी स्थित विवेकानंद अस्पताल पहुंचे। यहां सीधे निजी वार्ड में पहुंचे और कोचिंग संचालक भुवन भट्ट से हालचाल जाना। उन्होंने भुवन भट्ट से बात करने की। उन्होंने पूछा कि बदमाशों की भाषा बरेली, मुरादाबाद आदि किस शहर की थी। इस पर भुवन ने कहा कि उसे कुछ नहीं पता है। कुछ याद नहीं आ रहा है। बाद में भुवन की हालत बिगड़ने पर एडीजी ने सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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