{"_id":"5a6ce62c4f1c1b7d268b6d4d","slug":"51517086252-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गबन का आरोपी पोस्टमास्टर निलंबित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गबन का आरोपी पोस्टमास्टर निलंबित
Updated Sun, 28 Jan 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। गबन के आरोप में निलंबित कमलुवागांजा पोस्टआफिस में तैनात पोस्टमास्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एक बार फिर पुलिस से गुहार लगाई गई है। सहायक डाक अधीक्षक ने कोतवाली पुलिस को दोबारा पत्र भेजा है।
सहायक डाक अधीक्षक प्रकाश राम ने बताया कि 11 अक्तूबर 2017 को कमलुवागांजा डाकघर के निरीक्षण के दौरान पोस्टमास्टर हंसा दत्त जोशी को 53 हजार 325 रुपये गबन का आरोपी पाया गया था। मौके पर ही हंसा दत्त जोशी को निलंबित कर पोस्टमास्टर का चार्ज डाक आवेक्षक विनोद कुमार को सौंपा गया। 12 अक्तूबर को हंसा दत्त जोशी ने आवेक्षक विनोद कुमार को डाकघर में कार्य नहीं करने दिया। अपने समर्थन में दबाव बनाने के लिए 10-15 लोगों को डाकघर में बुलाकर लाया। आरोप है कि उसने डाकघर में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों को अपशब्द भी कहे। उसने डाकघर का कंप्यूटर और रिकार्ड भी अपने कब्जे में रखा है। सहायक डाक अधीक्षक ने बताया कि 13 अक्तूबर 2017 को मुखानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने गए। वहां थाना प्रभारी के मौजूद नहीं होने की बात कहकर दूसरे दिन आने को कहा गया। 14 अक्तूबर को दोबारा जाने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस बारे में प्रवर अधीक्षक डाक और पुलिस क्षेत्राधिकारी को भी बताया जा चुका है। इस मामले में एसओ मुखानी से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
विज्ञापन
सहायक डाक अधीक्षक प्रकाश राम ने बताया कि 11 अक्तूबर 2017 को कमलुवागांजा डाकघर के निरीक्षण के दौरान पोस्टमास्टर हंसा दत्त जोशी को 53 हजार 325 रुपये गबन का आरोपी पाया गया था। मौके पर ही हंसा दत्त जोशी को निलंबित कर पोस्टमास्टर का चार्ज डाक आवेक्षक विनोद कुमार को सौंपा गया। 12 अक्तूबर को हंसा दत्त जोशी ने आवेक्षक विनोद कुमार को डाकघर में कार्य नहीं करने दिया। अपने समर्थन में दबाव बनाने के लिए 10-15 लोगों को डाकघर में बुलाकर लाया। आरोप है कि उसने डाकघर में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों को अपशब्द भी कहे। उसने डाकघर का कंप्यूटर और रिकार्ड भी अपने कब्जे में रखा है। सहायक डाक अधीक्षक ने बताया कि 13 अक्तूबर 2017 को मुखानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने गए। वहां थाना प्रभारी के मौजूद नहीं होने की बात कहकर दूसरे दिन आने को कहा गया। 14 अक्तूबर को दोबारा जाने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस बारे में प्रवर अधीक्षक डाक और पुलिस क्षेत्राधिकारी को भी बताया जा चुका है। इस मामले में एसओ मुखानी से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
विज्ञापन