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तस्करों की उड़ता कुमाऊं बनाने की तैयारी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 02:09 AM IST
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तस्करों की उड़ता कुमाऊं बनाने की तैयारी
ड्रग्स की लत
हल्द्वानी। नशे के सौदागर कुमाऊं के युवाओं के नसों में नशा घोल रहे हैं। तस्करों के निशाने पर पहाड़ और मैदानी क्षेत्र के स्कूलों के छात्र हैं। कोतवाली पुलिस ने टांडा बैरियर के पास नशे के बड़े सौदागर को बिना नंबर की बाइक के साथ गिरफ्तार कर इस साजिश का खुलासा किया है। उसके पास 104 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। बरामद स्मैक की कीमत 25 लाख बताई जा रही है।
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एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बहुउद्देशीय भवन में सोमवार को पत्रकारों को बताया कि टीपीनगर चौकी प्रभारी सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम रविवार की रात चेकिंग कर रही थी। टांडा बैरियर पर पुुलिस टीम को देखते ही बाइक सवार पीछे मुड़कर भागने की कोशिश की। शक होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर तस्कर को बिना नंबर की बाइक के साथ धर दबोचा। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से 104.64 ग्राम चरस बरामद किया। पकड़ा गया रजा हुसैन बरेली जिले के चौडेरा बहेड़ी का रहने वाला है। पूछताछ से पता चला कि हाईस्कूल तक पढ़ा रजा हल्द्वानी से लेकर अल्मोड़ा तक स्मैक की आपूर्ति करता है। उसका आका बहेड़ी क्षेत्र का ताहिर है। ताहिर के इशारे पर उसने कुमाऊं के जिलों में स्मैक तस्करी का खाका तैयार किया था। ताहिर बरेली से बहेड़ी तक स्मैक लाता है और छात्रों को चलते फिरते स्मैक सप्लाई करता है।
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पुलिस टीम को ढाई हजार का इनाम
एसएसपी ने तस्कर को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। टीम में टीपीनगर चौकी प्रभारी सुशील कुमार, एसओजी प्रभारी दिनेश चंद्र पंत, ललित कांडपाल, भूपेंद्र सिंह, कुंदन कठायत, इंदर सिंह कोश्यारी, परमजीत सिंह, रियाज अहमद, गुणवंत सिंह शामिल हैं।
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तस्करों ने बांट लिए इलाके, पुलिस को पता नहीं
इकबाल गिरोह कर रहा स्मैक की आपूर्ति, महिलाएं भी शामिल
हल्द्वानी। नशे के सौदागरों ने स्मैक की सप्लाई करने के लिए शहर के इलाके बांट रखे हैं। सप्लाई करने वालों में इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। तस्कर एक दूसरे के क्षेत्र में दखल नहीं देते।
शहर में स्मैक तस्करी के लिए अलग-अलग गिरोह काम करते हैं। बड़े तस्कर पहले छात्रों और युवकों को शादी या अन्य समारोहों में स्मैक पिलाते हैं। इसके बाद युवक दो पुड़िया मुफ्त में हासिल करने के लिए दो सौ पुड़िया बेचकर अपने आका को पैसा देते हैं। पुलिस का मानना है कि उजाला नगर निवासी इकबाल अहमद बनभूलपुरा और वैलेजली लॉज क्षेत्र में स्मैक सप्लाई करता है। बनभूलपुरा थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने कई बार छापा मारा मगर इकबाल फरार हो गया। उसके दोनों बेटे स्मैक के साथ पकड़े गए। इकबाल का रिश्तेदार भी जेल में बंद है। पुलिस को पता चला है कि इकबाल यूपी में रहकर तस्करी गिरोह का संचालन कर रहा है। काठगोदाम पुलिस ने भी इकबाल को स्मैक बेचने वाली महिला सहित दो लोगों को पिछले दिनों गिरफ्तार किया था।

बनभूलपुरा पुलिस के हत्थे चढ़े दो तस्कर
हल्द्वानी। बनभूलपुरा पुलिस ने रविवार की रात लाइन नंबर आठ में स्मैक के दो तस्करों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान दोनों के पास से पुलिस ने 6.5 ग्राम स्मैक बरामद किया।
एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने पत्रकारों को बताया कि थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लाइन नंबर आठ से दो तस्करों को धर दबोचा। पकड़े गए लोगों में बरेली जिले के टांडा दादा मियां की गली बहेड़ी निवासी अरशद और गफूरबस्ती बनभूलपुरा निवासी मुजाहिद शामिल हैं। पता चला कि अरशद सेननगर बहेड़ी से स्मैक खरीदकर सुबह लाता है। हल्द्वानी से तस्करी का पैसा लेने के बाद शाम को लौट जाता है। गिरफ्तार मुजाहिद ने बताया कि वह अरशद से पुड़िया लेकर क्षेत्र में नशेड़ियों को बेचता है।

नशेड़ियों के इलाज के लिए कुमाऊं को अस्पताल की दरकार
हल्द्वानी। जिला पुलिस ने तीन महीने में नशे की तस्करी में लिप्त महिलाओं सहित 46 लोगों गिरफ्तार कर लिया लेकिन नशेड़ियों की संख्या घट नहीं रही है। पुलिस अधिकारियों का भी मानना है कि सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी से नशेड़ियों की संख्या में कमी नहीं आएगी। कुमाऊं को नशेड़ियों का इलाज कराने के लिए एक सरकारी अस्पताल की जरूरत है। इलाज से ही नशेड़ियों की संख्या में कमी आएगी।

पुलिस पाठशाला में चर्चाओं के दौरान यह तथ्य उभरकर सामने आया कि बनभूलपुरा से लेकर कुसुमखेड़ा तक, बैलाजली लॉज से लेकर पहाड़ तक काफी संख्या में युवा स्मैक के खतरनाक नशे की गिरफ्त में आ गए हैं। संपन्न अभिभावकों ने इलाज कराने के लिए अपने बच्चों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पाते हैं। हालांकि पुलिस ने नशेड़ियों को चिन्हित करने के बाद 60 लोगों की काउंसिलिंग की है। एसएसपी सुनील कुमार मीणा का भी मानना है कि कुमाऊं में एक ऐसा अस्पताल होना चाहिए जो नशेड़ियों का मुफ्त में इलाज कर सके।
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