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सीएमडी के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:24 AM IST
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हल्द्वानी। ग्राहकों के एक करोड़ 80 लाख रुपये लेकर भागने वाले चिटफंड कंपनी के सीएमडी के खिलाफ खुदकुशी करने वाले स्थानीय निदेशक चतुर सिंह बिष्ट की पत्नी ने मुकदमा दर्ज कराया है। पत्नी का आरोप है कि सीएमडी की प्रताड़ना के चलते निदेशक ने जान दी है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
चतुर सिंह की पत्नी पूनम बिष्ट ने तहरीर में कहा कि उनके पति ऊंचापुल स्थित शिवगंगा नैनीताल लिमिटेड में निदेशक के पद पर कार्यरत थे। निवेशकों का पैसा नहीं देने पर पति पर काफी दबाव पड़ने लगा। उन्होंने सीएमडी अवधेश राजभर से पैसा देने का अनुरोध किया। पैसा नहीं देने पर 27 फरवरी 2018 को अधिवक्ता सुरेश परिहार के माध्यम से सीएमडी को नोटिस भेजा था लेकिन सीएमडी ने कोई जवाब नहीं दिया। सात मार्च को कुछ लोग वाराणसी स्थित कार्यालय में राजभर से मिलने गए थे। आरोप है कि वहां सीएमडी ने लोगों से अभद्रता की थी। पूनम के अनुसार 18 मार्च को निवेशक शिवगणेश ने उनके पति के साथ मारपीट की। पंतनगर गोलागेट निवासी पूरन सिंह कोरंगा और खीमानंद जोशी ने भी जान से मारने की धमकी दी थी। पत्नी ने पुलिस से सीएमडी को गिरफ्तार कर भरण पोषण के लिए दो करोड़ रुपये की मांग की है। थानाध्यक्ष कमाल हसन का कहना है कि इस मामले में सीएमडी के खिलाफ धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जेवर गिरवी रख दिए पैसे
पूनम के अनुसार निवेशकों की धमकी से पूरा परिवार डर गया था। सास ने अपना जेवर सुनार के पास गिरवी रखकर 47 हजार रुपये 19 मार्च को शिवगणेश को दिए। कंपनी में उसके पति को वित्तीय लेनदेन का अधिकार नहीं था। उनके पति के साथ कर्मचारियों को जून 2017 से वेतन नहीं मिला था। कार्यालय के भवन का किराया बकाया था। भवन के मालिक ने कार्यालय का सामान अपने कब्जे में ले लिया। सीएमडी ने उनके पति को काफी प्रताड़ित किया। इसी से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या की। अब उनके पास भरण पोषण के लिए कोई साधन नहीं है।
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चतुर सिंह की पत्नी पूनम बिष्ट ने तहरीर में कहा कि उनके पति ऊंचापुल स्थित शिवगंगा नैनीताल लिमिटेड में निदेशक के पद पर कार्यरत थे। निवेशकों का पैसा नहीं देने पर पति पर काफी दबाव पड़ने लगा। उन्होंने सीएमडी अवधेश राजभर से पैसा देने का अनुरोध किया। पैसा नहीं देने पर 27 फरवरी 2018 को अधिवक्ता सुरेश परिहार के माध्यम से सीएमडी को नोटिस भेजा था लेकिन सीएमडी ने कोई जवाब नहीं दिया। सात मार्च को कुछ लोग वाराणसी स्थित कार्यालय में राजभर से मिलने गए थे। आरोप है कि वहां सीएमडी ने लोगों से अभद्रता की थी। पूनम के अनुसार 18 मार्च को निवेशक शिवगणेश ने उनके पति के साथ मारपीट की। पंतनगर गोलागेट निवासी पूरन सिंह कोरंगा और खीमानंद जोशी ने भी जान से मारने की धमकी दी थी। पत्नी ने पुलिस से सीएमडी को गिरफ्तार कर भरण पोषण के लिए दो करोड़ रुपये की मांग की है। थानाध्यक्ष कमाल हसन का कहना है कि इस मामले में सीएमडी के खिलाफ धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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जेवर गिरवी रख दिए पैसे
पूनम के अनुसार निवेशकों की धमकी से पूरा परिवार डर गया था। सास ने अपना जेवर सुनार के पास गिरवी रखकर 47 हजार रुपये 19 मार्च को शिवगणेश को दिए। कंपनी में उसके पति को वित्तीय लेनदेन का अधिकार नहीं था। उनके पति के साथ कर्मचारियों को जून 2017 से वेतन नहीं मिला था। कार्यालय के भवन का किराया बकाया था। भवन के मालिक ने कार्यालय का सामान अपने कब्जे में ले लिया। सीएमडी ने उनके पति को काफी प्रताड़ित किया। इसी से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या की। अब उनके पास भरण पोषण के लिए कोई साधन नहीं है।
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