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तीसरी बार पुताई के बाद भी लीकेज
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:03 AM IST
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हल्द्वानी। एशियन विकास बैंक (एडीबी) के ओवर हेड टैंकों से पानी का रिसाव रुकने का नाम नहीं ले रही है। तीन-तीन बार पुताई कराने के बाद भी ओवर हेड टैंकों से पानी की लीकेज बदस्तूर जारी है।
एडीबी ने दो साल पहले लाखों की लागत से तिकोनिया जल संस्थान दफ्तर के परिसर में ओवर हेड टैंक बनाया है। इस टैंक की शुरुआत से ही लीकेज हो रही है। टैंक की लीकेज रोकने को मरम्मत समेत दो-दो बार पुताई की गई ताकि टैंक से हो रहा रिसाव थम जाए लेकिन पानी नहीं रुका। इधर सोमवार को एक बार फिर से टैंक में रिसाव रोकने को पुताई की गई लेकिन इस बार भी यह कोशिश नाकाम रही। टैंक से पानी का रिसाव थमने का नाम नहीं ले रही है। यह टैंक भी सीडीओ की जांच रिपोर्ट में शामिल है। एडीबी ने 2015-16 में 16 ओवर हेड टैंक बनाए थे। इन टैंकों में जैसे ही पानी भरा गया, वैसे ही रिसाव शुरू हो गया था। इस मामले की जांच सीडीओ ने की थी। इस जांच में यह पाया गया था कि किसी भी टैंक के निर्माण में मानकों का पालन नहीं हुआ है। इसके बाद से ही इस मामले को लेकर लीपापोती का खेल जारी है।
जल संस्थान परिसर में बने एडीबी ओवर हेड टैंक पर फिर पुताई
बार-बार की मरम्मत के बाद भी हालात जस के तस
दो साल भी नहीं चल सका शीशमहल का ओवर हेड टैंक
हल्द्वानी। एडीबी का शीशमहल में बनाया ओवर हेड टैंक दो साल भी नहीं चल सका जबकि दावा पूरे 50 साल का था। टैंक में अभी से तीन-चार बड़ी दरारें, लीकेज और काई छा गई है। हालत यह है कि यहां भी लीकेज से पानी बर्बाद हो रहा है।
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एडीबी ने दो साल पहले लाखों की लागत से तिकोनिया जल संस्थान दफ्तर के परिसर में ओवर हेड टैंक बनाया है। इस टैंक की शुरुआत से ही लीकेज हो रही है। टैंक की लीकेज रोकने को मरम्मत समेत दो-दो बार पुताई की गई ताकि टैंक से हो रहा रिसाव थम जाए लेकिन पानी नहीं रुका। इधर सोमवार को एक बार फिर से टैंक में रिसाव रोकने को पुताई की गई लेकिन इस बार भी यह कोशिश नाकाम रही। टैंक से पानी का रिसाव थमने का नाम नहीं ले रही है। यह टैंक भी सीडीओ की जांच रिपोर्ट में शामिल है। एडीबी ने 2015-16 में 16 ओवर हेड टैंक बनाए थे। इन टैंकों में जैसे ही पानी भरा गया, वैसे ही रिसाव शुरू हो गया था। इस मामले की जांच सीडीओ ने की थी। इस जांच में यह पाया गया था कि किसी भी टैंक के निर्माण में मानकों का पालन नहीं हुआ है। इसके बाद से ही इस मामले को लेकर लीपापोती का खेल जारी है।
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जल संस्थान परिसर में बने एडीबी ओवर हेड टैंक पर फिर पुताई
बार-बार की मरम्मत के बाद भी हालात जस के तस
दो साल भी नहीं चल सका शीशमहल का ओवर हेड टैंक
हल्द्वानी। एडीबी का शीशमहल में बनाया ओवर हेड टैंक दो साल भी नहीं चल सका जबकि दावा पूरे 50 साल का था। टैंक में अभी से तीन-चार बड़ी दरारें, लीकेज और काई छा गई है। हालत यह है कि यहां भी लीकेज से पानी बर्बाद हो रहा है।
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