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घर से बेची जा रही थी नशे की गोलियां और इंजेक्शन
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ड्रग्स की लत
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हल्द्वानी। औषधि विभाग और पुलिस ने बृहस्पतिवार को छापामार अभियान चलाया तो बड़ा खुलासा हुआ। दवा की दुकानों पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री होती मिली। कुछ दुकानदार बिक्री संबंधी कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा पाए। नई बस्ती में दो महिलाएं घर से नशे का कारोबार चलाती पकड़ी गईं। उनके पास नशीली दवाएं, इंजेक्शन, सिरिंज और टेबलेट मिले। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट और सुधीर कुमार ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में सोनू मेडिकल स्टोर, गोविंद मेडिकल एंड जनरल स्टोर और हिमांशु मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही थी। दुकानदार बिक्री संबंधी कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा पाए। तीनों के खरीद और विक्रय पर रोक लगा दी गई है। तीनों को नोटिस दिया जाएगा। टीम को देखकर इंडियन मेडिकल स्टोर और भारत मेडिकल स्टोर दुकान बंद करके चले गए। दोनों को नोटिस दिया जाएगा और पूछा जाएगा कि मेडिकल स्टोर बंद करके क्यों गए।
उधर, ड्रग इंस्पेक्टर के साथ बनभूलपुरा थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने नई बस्ती वार्ड नंबर 26 में यूसुफ राज के घर पर दबिश दी। दबिश के दौरान शाजिया और अर्शी के कब्जे से एक थैले में पैराडाल टेबलेट (150), लीजेसिक इंजेक्शन (32), एविल दस मिली ग्राम की 51 वायल, 15 सिरिंज बरामद किए गए। दोनों महिलाओं के 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। महंत के अनुसार पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि उनको यह इंजेक्शन और दवाइयां आमीर उर्फ मास्टर लाकर देता है।
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घर से बेच रहे थे नशे की गोलियां और इंजेक्शन
नई बस्ती से दो महिलाओं को दबोचा, एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा, दवा की दुकानों पर भी छापा
03 दुकानों के खरीद और विक्रय पर लगाई रोक
05 दिन में मांगा स्पष्टीकरण, बिक रही थी प्रतिबंधित दवाएं
02 मेडिकल स्टोर संचालक दुकान बंद करके भागे
इन दुकानों में मारे छापे
सोनू मेडिकल स्टोर इंदिरा नगर, इंडिया मेडिकोज लाइन नंबर आठ बनभूलपुरा, गोविंद मेडिकल एंड जनरल स्टोर स्टेशन रोड, हिमांशु मेडिकल स्टोर इंदिरानगर छोटी लाइन, जीसी मेडिकोज गोपाल मंदिर के पास, द केमिस्ट मेडिकल स्टोर रेलवे लाइन और वसीम मेडिकल स्टोर बनभूलपुरा
नशे का कारोबार में महिलाएं कर रही कैरियर का काम
हल्द्वानी। शहर में नशे का कारोबार खूब चल रहा है। अधिकतर आपराधिक घटनाओं में नशेड़ियों के नाम पुलिस के सामने भी आए हैं। पुलिस की जांच में आया है कि बनभूलपुरा में कुछ महिलाएं कैरियर का काम कर रही हैं। बनभूलपुरा क्षेत्र में 12 साल के बच्चे से लेकर सैकड़ों युवक नशे की गिरफ्त में आ गए हैं। इनमें इंटर, डिग्री कालेज से लेकर मैनेजमेंट के छात्र शामिल हैं। नशे के लिए नशेड़ी रेलवे लाइन की तरफ निकल जाते हैं। क्षेत्र की चार महिलाएं बहेड़ी से स्मैक खरीदकर हल्द्वानी लाती है। चूंकि महिलाओं की चेकिंग नहीं होती है। इसी कारण तस्कर महिलाओं को कैरियर के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
ये हैं नशेड़ियों के अड्डे
इंदिरानगर, काठगोदाम, दमुआदूंगा, हीरानगर, आवास विकास, राजपुर, लामाचौड़, कमलुआगांजा
ओएसटी सेंटर में 90 मरीजों को दी जा रही है दवा
इंजेक्शन से नशा करने के कारण 90 प्रतिशत एचआईवी पॉजिटिव
हल्द्वानी। राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय बनभूलपुरा में चल रहे ओपीआइड सब्सटीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) सेंटर में इंजेक्शन से नशा करने वालों को दवा देकर लत छुड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इंजेक्शन से नशा करने वालों में 90 प्रतिशत रोगी एचआईवी पॉजिटिव हैं और हेपेटाइटिस बी, सी और टीबी जैसी बीमारी से ग्रस्त हो चुके हैं।
ओएसटी सेंटर के प्रभारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एक ही सिरिंज से नशा करने के कारण लोग हेपेटाइटिस बी, सी और टीबी जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सेंटर में आने वाले 90 प्रतिशत मरीज एचआईवी पॉजिटिव हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इंजेक्शन से नशे की लत छुड़ाने के लिए दवा (टैबलेट) के तौर पर नशे की गोलियां दी जाती हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि हल्द्वानी उपकारगार में बंद लगभग 45 कैदियों को भी नशे की दवा दी जा रही है। एक दिन में 40 से 50 मरीज सेंटर पर दवा लेने आते हैं। डॉ. गुप्ता के अनुसार पिछले तीन वर्षों के भीतर पांच लोगों ने इंजेक्शन लगाना छोड़ दिया है।
16 नशेड़ियों की कराई काउंसलिंग
हल्द्वानी। जिला पुलिस ने नशेड़ियों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए 16 युवकों की काउंसलिंग कराई। एसएसपी सुनील कुमार मीणा द्वारा चलाए गए अभियान के तहत एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, मनोवैज्ञानिक की टीम ने तीन चरणों में 16 नशेड़ी युवकों को बहुउद्देश्यीय भवन में बुलाया था। काउंसलिंग के दौरान युवकों ने नशा छोड़ने का संकल्प लिया। इधर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस ने एक जनवरी से पांच मार्च तक नशा बेचने वाले 28 तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
हर महीने पुलिस करती है खेल का आयोजन
हल्द्वानी। एसएसपी के निर्देश पर नशा उन्मूलन के तहत बनभूलपुरा पुलिस प्रत्येक माह युवकों और बच्चों के बीच खेल का आयोजन कराती है। कबड्डी, दौड़ की प्रतियोगिता में काफी बच्चे भाग लेते हैं। यह कार्यक्रम दो महीने से जारी है।
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ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट और सुधीर कुमार ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में सोनू मेडिकल स्टोर, गोविंद मेडिकल एंड जनरल स्टोर और हिमांशु मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही थी। दुकानदार बिक्री संबंधी कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा पाए। तीनों के खरीद और विक्रय पर रोक लगा दी गई है। तीनों को नोटिस दिया जाएगा। टीम को देखकर इंडियन मेडिकल स्टोर और भारत मेडिकल स्टोर दुकान बंद करके चले गए। दोनों को नोटिस दिया जाएगा और पूछा जाएगा कि मेडिकल स्टोर बंद करके क्यों गए।
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उधर, ड्रग इंस्पेक्टर के साथ बनभूलपुरा थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने नई बस्ती वार्ड नंबर 26 में यूसुफ राज के घर पर दबिश दी। दबिश के दौरान शाजिया और अर्शी के कब्जे से एक थैले में पैराडाल टेबलेट (150), लीजेसिक इंजेक्शन (32), एविल दस मिली ग्राम की 51 वायल, 15 सिरिंज बरामद किए गए। दोनों महिलाओं के 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। महंत के अनुसार पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि उनको यह इंजेक्शन और दवाइयां आमीर उर्फ मास्टर लाकर देता है।
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घर से बेच रहे थे नशे की गोलियां और इंजेक्शन
नई बस्ती से दो महिलाओं को दबोचा, एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा, दवा की दुकानों पर भी छापा
03 दुकानों के खरीद और विक्रय पर लगाई रोक
05 दिन में मांगा स्पष्टीकरण, बिक रही थी प्रतिबंधित दवाएं
02 मेडिकल स्टोर संचालक दुकान बंद करके भागे
इन दुकानों में मारे छापे
सोनू मेडिकल स्टोर इंदिरा नगर, इंडिया मेडिकोज लाइन नंबर आठ बनभूलपुरा, गोविंद मेडिकल एंड जनरल स्टोर स्टेशन रोड, हिमांशु मेडिकल स्टोर इंदिरानगर छोटी लाइन, जीसी मेडिकोज गोपाल मंदिर के पास, द केमिस्ट मेडिकल स्टोर रेलवे लाइन और वसीम मेडिकल स्टोर बनभूलपुरा
नशे का कारोबार में महिलाएं कर रही कैरियर का काम
हल्द्वानी। शहर में नशे का कारोबार खूब चल रहा है। अधिकतर आपराधिक घटनाओं में नशेड़ियों के नाम पुलिस के सामने भी आए हैं। पुलिस की जांच में आया है कि बनभूलपुरा में कुछ महिलाएं कैरियर का काम कर रही हैं। बनभूलपुरा क्षेत्र में 12 साल के बच्चे से लेकर सैकड़ों युवक नशे की गिरफ्त में आ गए हैं। इनमें इंटर, डिग्री कालेज से लेकर मैनेजमेंट के छात्र शामिल हैं। नशे के लिए नशेड़ी रेलवे लाइन की तरफ निकल जाते हैं। क्षेत्र की चार महिलाएं बहेड़ी से स्मैक खरीदकर हल्द्वानी लाती है। चूंकि महिलाओं की चेकिंग नहीं होती है। इसी कारण तस्कर महिलाओं को कैरियर के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
ये हैं नशेड़ियों के अड्डे
इंदिरानगर, काठगोदाम, दमुआदूंगा, हीरानगर, आवास विकास, राजपुर, लामाचौड़, कमलुआगांजा
ओएसटी सेंटर में 90 मरीजों को दी जा रही है दवा
इंजेक्शन से नशा करने के कारण 90 प्रतिशत एचआईवी पॉजिटिव
हल्द्वानी। राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय बनभूलपुरा में चल रहे ओपीआइड सब्सटीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) सेंटर में इंजेक्शन से नशा करने वालों को दवा देकर लत छुड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इंजेक्शन से नशा करने वालों में 90 प्रतिशत रोगी एचआईवी पॉजिटिव हैं और हेपेटाइटिस बी, सी और टीबी जैसी बीमारी से ग्रस्त हो चुके हैं।
ओएसटी सेंटर के प्रभारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एक ही सिरिंज से नशा करने के कारण लोग हेपेटाइटिस बी, सी और टीबी जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सेंटर में आने वाले 90 प्रतिशत मरीज एचआईवी पॉजिटिव हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इंजेक्शन से नशे की लत छुड़ाने के लिए दवा (टैबलेट) के तौर पर नशे की गोलियां दी जाती हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि हल्द्वानी उपकारगार में बंद लगभग 45 कैदियों को भी नशे की दवा दी जा रही है। एक दिन में 40 से 50 मरीज सेंटर पर दवा लेने आते हैं। डॉ. गुप्ता के अनुसार पिछले तीन वर्षों के भीतर पांच लोगों ने इंजेक्शन लगाना छोड़ दिया है।
16 नशेड़ियों की कराई काउंसलिंग
हल्द्वानी। जिला पुलिस ने नशेड़ियों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए 16 युवकों की काउंसलिंग कराई। एसएसपी सुनील कुमार मीणा द्वारा चलाए गए अभियान के तहत एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, मनोवैज्ञानिक की टीम ने तीन चरणों में 16 नशेड़ी युवकों को बहुउद्देश्यीय भवन में बुलाया था। काउंसलिंग के दौरान युवकों ने नशा छोड़ने का संकल्प लिया। इधर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस ने एक जनवरी से पांच मार्च तक नशा बेचने वाले 28 तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
हर महीने पुलिस करती है खेल का आयोजन
हल्द्वानी। एसएसपी के निर्देश पर नशा उन्मूलन के तहत बनभूलपुरा पुलिस प्रत्येक माह युवकों और बच्चों के बीच खेल का आयोजन कराती है। कबड्डी, दौड़ की प्रतियोगिता में काफी बच्चे भाग लेते हैं। यह कार्यक्रम दो महीने से जारी है।