फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   बूढ़ी रायफलों के भरोसे जेल की सुरक्षा

बूढ़ी रायफलों के भरोसे जेल की सुरक्षा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 02:14 AM IST
विज्ञापन
बूढ़ी रायफलों के भरोसे जेल की सुरक्षा
हल्द्वानी। पंजाब जेल में हुई फायरिंग की सूचना से सुरक्षा को लेकर जेल अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। राज्य बनने के बाद कई बार पुलिस सुरक्षा का आधुनिकीकरण किया गया लेकिन खूंखार कैदियों को संभालने वाले जेल की सुरक्षा जंक लगी पुरानी राइफलों के बदौलत चल रही है।
विज्ञापन

हल्द्वानी उपकारागार की क्षमता 250 है लेकिन यहां क्षमता से चार गुना अधिक कैदी रखे जा रहे हैं। जेल की सुरक्षा पर तैनात 39 बंदीरक्षकों के पास सिर्फ तीन राइफलें हैं। जंक लगी इन राइफलों का मॉडल आजादी के समय का दशकों पुराना है। अत्याधुनिक राइफलों के कई राउंड चलने के बाद पुरानी राइफल दूसरी बार लोड होती है। बंदीरक्षकों को हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) या पिस्टल जैसी कोई अत्याधुनिक शस्त्र उपलब्ध नहीं है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक या डिप्टी जेलर के पास भी अत्याधुनिक असलहे नहीं हैं। राज्य बनने के बाद अपराधियों से मुकाबला करने के लिए पुलिस को अत्याधुनिक राइफलें और पिस्टलें मिलीं लेकिन जेल विभाग का हाल बेहाल है। जेल अधिकारियों के पास भी कोई अतिरिक्त सुरक्षा नहीं है। जेल की समीक्षा के दौरान न्यायाधीशों ने भी अलग जेल बनाने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश दिए थे लेकिन नई जेल नहीं बनाई गई। रुड़की जेल में अपराधियों के बीच गैंगवार जैसी सनसनीखेज घटनाओं के बावजूद प्रदेश सरकार ने जेल की सुरक्षा के प्रति कोई नीति नहीं बनाई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बताया कि वह मनोवैज्ञानिक आधार पर जेल का संचालन कर रहे हैं।
विज्ञापन


जंक लगी राइफलों के भरोसे जेल की सुरक्षा व्यवस्था
अधिकारियों की कोई सुरक्षा नहीं, कैसे संभाले जाएंगे खूंखार कैदी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed