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डॉक्टर ने की अस्पताल में तोड़फोड़
Updated Sun, 05 Aug 2018 02:08 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। संयुक्त चिकित्सालय में शराब पीकर एक डॉक्टर ने पहले मरीज के परिजनों से कहासुनी की और बाद में खुद ही अस्पताल के अंदर तोड़फोड़ कर दी। तोड़फोड़ के दौरान डॉक्टर के सिर और हाथ में चोट लग गई। लहूलुहान हालत में डॉक्टर खुद कोतवाली पहुुंचा और रिपोर्ट दर्ज करने को कहने लगा। पुलिस समझाने लगी तो मौके से फरार हो गया। देर रात पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ गालीगलौज और तोड़फोड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
आरोप है कि संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. कैलाश रावत देर शाम शराब पीकर ड्यूटी पर पहुंचे। इस दौरान एक युवक अपनी बेटी को लेकर अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर से इलाज का आग्रह करने पर उसने फार्मेसिस्ट को पेनकिलर देने को कहा। तीमारदार युवक ने जब डॉक्टर से कहा कि आप क्या इलाज करेंगे, आप तो नशे में है। आरोप है कि यह सुनकर डॉक्टर आगबबूला हो गए और हंगामा करने लगे। गुस्से में आकर अस्पताल के गेट में लगे शीशों को तोड़ डाला और इमरजेंसी का सारा सामान तोड़फोड़ दिया। यह देख युवक अपनी बच्ची को लेकर चला गया। इसके बाद भी डॉक्टर शांत नहीं हुए, अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस 108 में भी तोड़फोड़ कर दी और उनके शीशे तोड़ डाले। अस्पताल के कर्मचारियों ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन डॉक्टर नहीं माने और लहूलुहान हालत में कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करने को कहने लगे। इस पर एसएसआई कशमीर सिंह ने पूरा मामला बताने को कहा तो डॉक्टर वहां से चला गए। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर मामले की जानकारी ली। रात में एसडीएम पारितोष वर्मा भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली और मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। एसएसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ धारा 427 और 323 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पहले भी रहे विवादों में
संयुक्त चिकित्सालय के जिस डॉक्टर का तोड़फोड़ का आरोप लगा है आरोप है कि 21 जुलाई को उन्होंने खताड़ी के आए मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। मारपीट के दौरान डॉक्टर घायल भी हुए थे। तब अस्पताल प्रशासन ने मामले को रफा-दफा कर दिया और कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की। उधर, प्रभारी सीएमएस टीके पंत ने बताया कि वह नैनीताल हैं, उनको मामले की जानकारी नहीं है।
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आरोप है कि संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. कैलाश रावत देर शाम शराब पीकर ड्यूटी पर पहुंचे। इस दौरान एक युवक अपनी बेटी को लेकर अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर से इलाज का आग्रह करने पर उसने फार्मेसिस्ट को पेनकिलर देने को कहा। तीमारदार युवक ने जब डॉक्टर से कहा कि आप क्या इलाज करेंगे, आप तो नशे में है। आरोप है कि यह सुनकर डॉक्टर आगबबूला हो गए और हंगामा करने लगे। गुस्से में आकर अस्पताल के गेट में लगे शीशों को तोड़ डाला और इमरजेंसी का सारा सामान तोड़फोड़ दिया। यह देख युवक अपनी बच्ची को लेकर चला गया। इसके बाद भी डॉक्टर शांत नहीं हुए, अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस 108 में भी तोड़फोड़ कर दी और उनके शीशे तोड़ डाले। अस्पताल के कर्मचारियों ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन डॉक्टर नहीं माने और लहूलुहान हालत में कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करने को कहने लगे। इस पर एसएसआई कशमीर सिंह ने पूरा मामला बताने को कहा तो डॉक्टर वहां से चला गए। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर मामले की जानकारी ली। रात में एसडीएम पारितोष वर्मा भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली और मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। एसएसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ धारा 427 और 323 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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पहले भी रहे विवादों में
संयुक्त चिकित्सालय के जिस डॉक्टर का तोड़फोड़ का आरोप लगा है आरोप है कि 21 जुलाई को उन्होंने खताड़ी के आए मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। मारपीट के दौरान डॉक्टर घायल भी हुए थे। तब अस्पताल प्रशासन ने मामले को रफा-दफा कर दिया और कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की। उधर, प्रभारी सीएमएस टीके पंत ने बताया कि वह नैनीताल हैं, उनको मामले की जानकारी नहीं है।
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