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रिश्वत के आरोपी कानून गो को साढ़े चार साल सजा
Updated Sat, 17 Feb 2018 02:40 AM IST
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नैनीताल। रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए गदरपुर के तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो हेमराज चौहान को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कुमकुम रानी की कोर्ट ने साढ़े चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर आरोपी को छह महीने अतिरिक्त सजा काटनी होगी। हेमराज एनएच 74 भूमि मुआवजा वितरण घोटाले में भी निलंबित है।
आरोप था कि वर्ष 2012 में हेमराज गदरपुर तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो के पद पर तैनात था। इस दौरान वहीं के निवासी सआदत हुसैन ने विजिलेंस में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। सआदत ने बताया कि वह सीलिंग जमीन के प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगवाने के लिए हेमराज के पास गए थे। हेमराज ने रिपोर्ट लगाने के बदले उनसे दो हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे। रिश्वत मांगने के बाद उन्होंने विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया। 23 जून 2012 को सआदत के साथ विजिलेंस टीम तहसील पहुंची। जहां हेमराज ने सआदत से रिश्वत के दो हजार रुपये लिए। पहले से तैयार टीम ने रुपये लेते ही हेमराज को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। हेमराज के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 12 फरवरी 2018 को हेमराज को दोषी करार दिया। इसके बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश कुमकुम रानी के कोर्ट ने हेमराज को साढ़े चार साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि अगर हेमराज 20 हजार रुपये जुर्माना नहीं देता है तो उसे छह महीने अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के कोर्ट ने सुनाई सजा
20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
साल 2012 में विजिलेंस टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था
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आरोप था कि वर्ष 2012 में हेमराज गदरपुर तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो के पद पर तैनात था। इस दौरान वहीं के निवासी सआदत हुसैन ने विजिलेंस में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। सआदत ने बताया कि वह सीलिंग जमीन के प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगवाने के लिए हेमराज के पास गए थे। हेमराज ने रिपोर्ट लगाने के बदले उनसे दो हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे। रिश्वत मांगने के बाद उन्होंने विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया। 23 जून 2012 को सआदत के साथ विजिलेंस टीम तहसील पहुंची। जहां हेमराज ने सआदत से रिश्वत के दो हजार रुपये लिए। पहले से तैयार टीम ने रुपये लेते ही हेमराज को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। हेमराज के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 12 फरवरी 2018 को हेमराज को दोषी करार दिया। इसके बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश कुमकुम रानी के कोर्ट ने हेमराज को साढ़े चार साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि अगर हेमराज 20 हजार रुपये जुर्माना नहीं देता है तो उसे छह महीने अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के कोर्ट ने सुनाई सजा
20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
साल 2012 में विजिलेंस टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था