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कोर्ट में पेश हुए भूमि घोटाले के आरोपी
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:13 AM IST
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नैनीताल। एनएच 74 भूमि घोटाले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। शुक्रवार को एसआईटी ने तत्कालीन एसडीएम समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर बताया कि नियमानुसार 6.64 करोड़ रुपये मुआवजा बना था जबकि आरोपियों ने 135.26 करोड़ रुपये बांट दिए। जांच शुरू हुई तो सबूत मिटाने के लिए तमाम दस्तावेज गायब कर दिए। अपने मकसद में कामयाब होने के लिए षड्यंत्रकारियों ने रजिस्ट्रार कानूनगो के फर्जी हस्ताक्षर तक बना डाले।
एसआईटी ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कुमकुम रानी की कोर्ट में मुख्य रूप से 11 बिंदुओं पर चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपी तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत खेती वाली जमीन को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अकृषक दिखा दिया। कृषि भूमि का रेट कम और अकृषक भूमि का रेट बहुत ज्यादा होने के कारण किसानों की जमीनों की कीमत आसमान छू गई। 6.64 करोड़ रुपये की जमीन की 135.26 करोड़ रुपये की हो गई। तत्कालीन एसडीएम ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर यह पैसा किसानों को बांट दिया और उनसे अनुचित लाभ लिया। इससे सरकार को भारी नुकसान हुआ। जिन प्रकरणों में फोनिया ने गलत आदेश किए उनकी कंप्यूटर में फीडिंग 2015-16 में कराई गई। आरोपियों ने एक और षड्यंत्र के तहत गलत आदेशों के साक्ष्य कार्यालयों से गायब कर दिए। जांच में सामने आया कि जिस जमीन को एसडीएम फोनिया अकृषक दिखा रहे हैं, किसान उसका लगान कृषक भूमि के रूप में देते हैं। अमीन अनिल कुमार ने रजिस्ट्रार कानूनगो चंद्रपाल के फर्जी हस्ताक्षर कई दस्तावेजों पर किए। जांच के दौरान हस्ताक्षर विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून भेजे गए। जिससे पता चला कि संग्रह अमीन अनिल कुमार ने चंद्रपाल के फर्जी हस्ताक्षर बनाए थे।
कोर्ट में पेश हुए भूमि घोटाले के 12 आरोपी
नैनीताल। चार्जशीट दाखिल होने के बाद शनिवार को 12 आरोपी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कुमकुम रानी की कोर्ट में पेश हुए। इनमें तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया, किसान चरण सिंह, ओम प्रकाश, भू अध्यापित अधिकारी ऊधमसिंह नगर दिनेश प्रताप सिंह, संग्रह अमीन अनिल कुमार, एसडीएम के पेशकार विकास चौहान, संजय कुमार, स्टांप विक्रेता काशीपुर जीशान, काशीपुर के तहसीलदार मदन मोहन, तहसीलदार जसपुर भोलेलाल, डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार, अनुसेवक तहसील जसपुर राम समुज शामिल रहे। पेशी के बाद कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेजते हुए अगली सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख तय कर दी है।
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तीन आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी
एसआईटी अभी तक तीन आरोपी मोहन सिंह, अनिल कुमार और संतराम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी है। ऐसे में अदालत ने इनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ा दी है। यह आरोपी फिलहाल वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही कोर्ट में पेश होंगे।
दो की जमानत अर्जी खारिज
एसडीएम अनिल कुमार और तहसीलदार मोहन सिंह की जमानत अर्जी पर शनिवार को सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार ने बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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एसआईटी ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कुमकुम रानी की कोर्ट में मुख्य रूप से 11 बिंदुओं पर चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपी तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत खेती वाली जमीन को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अकृषक दिखा दिया। कृषि भूमि का रेट कम और अकृषक भूमि का रेट बहुत ज्यादा होने के कारण किसानों की जमीनों की कीमत आसमान छू गई। 6.64 करोड़ रुपये की जमीन की 135.26 करोड़ रुपये की हो गई। तत्कालीन एसडीएम ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर यह पैसा किसानों को बांट दिया और उनसे अनुचित लाभ लिया। इससे सरकार को भारी नुकसान हुआ। जिन प्रकरणों में फोनिया ने गलत आदेश किए उनकी कंप्यूटर में फीडिंग 2015-16 में कराई गई। आरोपियों ने एक और षड्यंत्र के तहत गलत आदेशों के साक्ष्य कार्यालयों से गायब कर दिए। जांच में सामने आया कि जिस जमीन को एसडीएम फोनिया अकृषक दिखा रहे हैं, किसान उसका लगान कृषक भूमि के रूप में देते हैं। अमीन अनिल कुमार ने रजिस्ट्रार कानूनगो चंद्रपाल के फर्जी हस्ताक्षर कई दस्तावेजों पर किए। जांच के दौरान हस्ताक्षर विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून भेजे गए। जिससे पता चला कि संग्रह अमीन अनिल कुमार ने चंद्रपाल के फर्जी हस्ताक्षर बनाए थे।
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कोर्ट में पेश हुए भूमि घोटाले के 12 आरोपी
नैनीताल। चार्जशीट दाखिल होने के बाद शनिवार को 12 आरोपी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कुमकुम रानी की कोर्ट में पेश हुए। इनमें तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया, किसान चरण सिंह, ओम प्रकाश, भू अध्यापित अधिकारी ऊधमसिंह नगर दिनेश प्रताप सिंह, संग्रह अमीन अनिल कुमार, एसडीएम के पेशकार विकास चौहान, संजय कुमार, स्टांप विक्रेता काशीपुर जीशान, काशीपुर के तहसीलदार मदन मोहन, तहसीलदार जसपुर भोलेलाल, डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार, अनुसेवक तहसील जसपुर राम समुज शामिल रहे। पेशी के बाद कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेजते हुए अगली सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख तय कर दी है।
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तीन आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी
एसआईटी अभी तक तीन आरोपी मोहन सिंह, अनिल कुमार और संतराम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी है। ऐसे में अदालत ने इनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ा दी है। यह आरोपी फिलहाल वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही कोर्ट में पेश होंगे।
दो की जमानत अर्जी खारिज
एसडीएम अनिल कुमार और तहसीलदार मोहन सिंह की जमानत अर्जी पर शनिवार को सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार ने बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।