फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   नशा कालाधन और भ्रष्टाचर का अहम स्रोत

नशा कालाधन और भ्रष्टाचर का अहम स्रोत

Sat, 07 Jul 2018 02:20 AM IST
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
नशा कालाधन और भ्रष्टाचर का अहम स्रोत
अमर उजाला पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी। पुलिस अधीक्षक नगर अमित श्रीवास्तव ने कहा कि नशीले पदार्थों के चलते युवाओं का कैरियर बर्बाद हो जाता है। खुद के साथ परिवार भी परेशान हो जाता है। नशीले पदार्थों की तस्करी से काले धन और भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है। नशे को रोकने के लिए बच्चे पुलिस को सूचना देकर सहयोग कर सकते हैं।
विज्ञापन

केंद्रीय विद्यालय कैंट में अमर उजाला फाउंडेशन ने शुक्रवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया। इस दौरान एसपी सिटी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि एक युवक के नशा करने पर पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। नशे की गिरफ्त में आकर युवक चोरी और लूट जैसे अपराधों को अंजाम देकर समाज को खोखला कर देते हैं। समाज में इस प्रकार के युवकों के बारे में आम छात्र भी पुलिस या अपने अभिभावकों को सूचना दे सकते हैं। शिकायत के आधार पर नशे की गिरफ्त में आए युवकों को समाज की मुख्य धारा में लाया जा सकता है। 2016 में पुलिस ने 16 लोगों को नशे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। 2017 में यह संख्या बढ़कर 90 से अधिक हो गई।
विज्ञापन



बच्चे बन सकते हैं पुलिस की नजर
अमर उजाला फाउंडेशन ने किया पुलिस पाठशाला का आयोजन


आदतों में सुधार लाने पर बच सकती है युवकों की जिंदगी
एसपी सिटी ने बताया कि युवक अपनी आदतों में सुधार लाकर जिंदगी बचा सकते हैं। आम तौर पर काफी संख्या में युवक कान में ईयरफोन लगाकर बाइक चलाते हैं। दुर्घटना होने पर ऐसे युवकों की जिंदगी हादसे की भेंट चढ़ जाती है। अपने परिवार को खुशहाल रखने के लिए छात्र या छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। हेलमेट पहनकर चलना चाहिए। कार में शीट बेल्ट का प्रयोग करना चाहिए। शोध से पता चला है कि किसी अच्छी आदत को धारण करने के लिए छात्रों को 21 दिन तक प्रेक्टिस करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक असलम जावेद ने किया। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य टीपी आर्या ने बच्चों को नशे से दूर रखने की सलाह दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्र-छात्राओं के सवाल, एसपी के जवाब
- मलिन बस्ती के ज्यादा बच्चे नशा करते हैं। शिक्षा के अभाव में गलत कार्य करते हैं। ऐसे बच्चों को गलत कार्यों को पुलिस को रोकना होगा। -यश कुमार
- मलिन बस्ती के बच्चों को स्कूल भेजने के लिए पुलिस प्रेरित कर रही है लेकिन जांच में आया है कि ज्यादा पढ़े लिखे छात्र स्मैक जैसे की गिरफ्त में आ रहे हैं। बैंक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों के बच्चे भी पुलिस ने पकड़ा कर रास्ते पर लाने की कोशिश की है।

- पुलिस को इस मामले में अभिभावकों को भी जागरूक करना चाहिए। -दीक्षित बैला
- बच्चों के पकड़े जाने पर पुलिस अभिभावकों से संपर्क करती है। अब पुलिस अभिभावकों को भी जागरूक करने पर विचार कर रही है।

- ज्यादातर लोग नशे की गिरफ्त में आने पर अपने बच्चों के बारे में जानकारी नहीं देते हैं। वे समाज से छिपाना चाहते हैं। ऐसी हालत में कैसे नशेड़ी युवकों को मुख्य धारा में लाया जाएगा। -रिया
- हां यह सत्य है कि लोग समाज में अपनी इज्जत बचाने के लिए नशेड़ी युवकों के बारे में नहीं बताते हैं। फिर भी आम लोगों को अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए।

- पुलिस के डर के चलते लोग सूचना नहीं देते हैं। सोचते हैं कि सूचना देने पर फंस जाएंगे। -परिमल
- पुलिस अधीक्षक ने अपना मोबाइल नंबर देते हुए सूचना देने का आह्वान किया। भरोसा दिलाया कि पुलिस आम जनता के बीच की है। इस कारण डरने की जरूरत नहीं है।

- परिवार की एक पीढ़ी नशे की गिरफ्त में है तो वर्तमान पीढ़ी क्या करेगी। -हेमंत सिंह
- नशे करने वालों को अपना रोल माडल नहीं मानना चाहिए। अपना कैरियर बनाने के लिए छात्रों को नशे से दूर रहना होगा।

- सरकार नशा समाप्त करने के लिए टोबैको और शराब की कंपनी क्यों नहीं बंद करती है। -प्रियंका भट्ट
- कंपनी बंद करने से लोग तस्करी कर अपनी पूर्ति करने लगेंगे। गलत नशा करने पर मौतें भी बढ़ सकती है। धीरे-धीरे नशा रोकने के लिए सरकार ने शराब की पंजीकृत दुकानों को खोला है।


- नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए युवा क्या कर सकते हैं। -अंजलि
- युवा पार्कों में नशा करने वाले या आसपास के अड्डों के बारे में सूचना दे सकते हैं। दोस्त ही नशा करने की आदत डालते हैं। ऐसे लोगों से ना कहना सीखना होगा।

- मलिन बस्ती के बच्चों की काउंसिलिंग कर उसका वीडियो यू ट्यूब पर क्यों नहीं डाला जा सकता है। -पवन कुमार
- बच्चों की काउंसिलिंग की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है। हां पुलिस एक नाटक तैयार कर लोगों को जागरूक कर सकती है।

- उसके घर के समीप शराब का ठेका बंद था लेकिन फिर खुल गया है। -दीक्षा रावत
- ठेका पहले बस्ती के समीप था। विरोध के चलते अब हाईवे की तरफ चल रहा है।

- नशे पर सरकार को ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए ताकि आम लोग खरीद न सके। -स्मिता पाठक
- नशीले पदार्थों पर सरकार हर साल टैक्स बढ़ाती है। फिर भी लोग अपनी शौक पूरा करने के लिए खरीदते हैं। कानून का उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी होती है।

- मेरी दोस्त सोशल मीडिया पर कुछ गलत चीजें पोस्ट कर रही है। कैसे रोका जा सकता है। -संध्या
- इस बारे में छात्राओं को अपने अभिभावक या अध्यापक को बताना चाहिए।

- सिनेमा में शराब पीते हुए दिखाया जाता है। इसको कैसे रोका जाएगा। -विजय सिंह
- ऐसे लोगों को अपना रोल मॉडल नहीं बनाना चाहिए। शराब की बोतल पर भी नशा स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, लिखा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed