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एसटीएम में मासूम की मौत हंगामा
Updated Fri, 06 Apr 2018 01:32 AM IST
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हल्द्वानी। एसटीएच में बुधवार की रात उपचार के दौरान 18 माह की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पता चला है कि बच्चे को रखने के लिए वेंटिलेटर नहीं था। मेडिकल चौकी पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर विवाद शांत किया। इसके बाद परिजन शव को लेकर चले गए। नैनीताल निवासी मोहम्मद शाहिद के 18 माह की बच्ची मरियम के सीने में दर्द होने पर परिजन उसे लेकर बीडी पांडे अस्पताल गए। यहां स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने उसे बुधवार को एसटीएच में भर्ती कराया। देर रात तीन बजे बच्चे की मौत हो गई। मासूम की मौत होने पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि बच्चे को रखने के लिए वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था। अस्पताल प्रशासन ने घटना की जानकारी मेडिकल चौकी पुलिस को दी। पुलिस के समक्ष परिजनों डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने डॉक्टरों से बातचीत करने के बाद परिजनों को समझाया। परिजन सुबह होते होते बच्ची का शव लेकर चले गए। एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि बच्चे के सीने में इंफेक्शन था। सिप्टीसीमिया भी बच्चे को हो गया था। सीना कफ से जकड़ा था। उपचार के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस मामले में डॉक्टरों ने किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती है।
24 घंटे मिलता तो बच सकती थी बच्ची
बच्ची की स्थिति काफी गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती करायी गई। उसे ब्लड और वेंटिलेटर उपलब्ध कराया था। विभाग के डॉक्टर रमेश और रितु प्रतिपल नजर रख रहे थे। इलाज करने का कम समय मिला था। यदि 24 घंटे पहले बच्ची भरती होती तो उसे बचाया जा सकता था।
- अजय आर्या विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग एसटीएच
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24 घंटे मिलता तो बच सकती थी बच्ची
बच्ची की स्थिति काफी गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती करायी गई। उसे ब्लड और वेंटिलेटर उपलब्ध कराया था। विभाग के डॉक्टर रमेश और रितु प्रतिपल नजर रख रहे थे। इलाज करने का कम समय मिला था। यदि 24 घंटे पहले बच्ची भरती होती तो उसे बचाया जा सकता था।
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- अजय आर्या विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग एसटीएच