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खेत में काम करते समय श्रमिक महिलाओं की हालत बिगड़ी
Updated Tue, 17 Oct 2017 01:11 AM IST
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पंतनगर। पंतनगर विवि के फसल अनुसंधान केंद्र (सीआरसी) के खेत में काम कर रहीं पांच श्रमिक महिलाओं की तबियत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल विवि के अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी चिकित्सालय भेज दिया गया। एसटीएच में उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। पांचों महिलाएं सीआरसी में संविदा पर कार्यरत हैं।
क्यू ब्लाक झोपड़ी निवासी शांति (35) पत्नी अशोक, संगीता (40) पत्नी विनोद कुमार, सीआरसी कालोनी निवासी हीरामति (27) पत्नी राजेश, सीआरसी झोपड़ी निवासी गीता (27) पत्नी मनोहर, आनंदपुर निवासी शिवकुमारी (33) पत्नी राजेंद्र सोमवार दोपहर सीआरसी स्थित मूंग के खेत में काम कर रही थीं। इस दौरान प्यास लगने पर उन्होंने बाल्टी में रखा पानी पीया। पानी पीने के कुछ देर बाद महिलाओं को बेचैनी महसूस हुई और घबराहट होने लगी। इस पर वहां मौजूद कर्मचारियों ने संयुक्त निदेशक डॉ.वीपी सिंह को सूचित किया। संयुक्त निदेशक ने महिलाओं को तुरंत विवि चिकित्सालय पहुंचाने की व्यवस्था की। चिकित्साधिकारी डॉ.दीपक त्रिपाठी ने प्राथमिक उपचार के बाद महिलाओं को सामान्य बताया। अन्य परीक्षण एवं बेहतर उपचार के लिए उन्हें एसटीएच हल्द्वानी भेज दिया। महिलाओं ने बाल्टी में रखा पानी पीया था। संभवत: पानी में किसी रसायन का असर था, जिससे उनकी तबियत बिगड़ गई।
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क्यू ब्लाक झोपड़ी निवासी शांति (35) पत्नी अशोक, संगीता (40) पत्नी विनोद कुमार, सीआरसी कालोनी निवासी हीरामति (27) पत्नी राजेश, सीआरसी झोपड़ी निवासी गीता (27) पत्नी मनोहर, आनंदपुर निवासी शिवकुमारी (33) पत्नी राजेंद्र सोमवार दोपहर सीआरसी स्थित मूंग के खेत में काम कर रही थीं। इस दौरान प्यास लगने पर उन्होंने बाल्टी में रखा पानी पीया। पानी पीने के कुछ देर बाद महिलाओं को बेचैनी महसूस हुई और घबराहट होने लगी। इस पर वहां मौजूद कर्मचारियों ने संयुक्त निदेशक डॉ.वीपी सिंह को सूचित किया। संयुक्त निदेशक ने महिलाओं को तुरंत विवि चिकित्सालय पहुंचाने की व्यवस्था की। चिकित्साधिकारी डॉ.दीपक त्रिपाठी ने प्राथमिक उपचार के बाद महिलाओं को सामान्य बताया। अन्य परीक्षण एवं बेहतर उपचार के लिए उन्हें एसटीएच हल्द्वानी भेज दिया। महिलाओं ने बाल्टी में रखा पानी पीया था। संभवत: पानी में किसी रसायन का असर था, जिससे उनकी तबियत बिगड़ गई।
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