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यमराज बने डीसीएम ने छात्र-छात्रा की ली जान
Updated Wed, 04 Oct 2017 12:47 AM IST
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डीसीएम की टक्कर से बाइक सवार छात्र-छात्रा की मौत
- एक छात्रा घायल, मीरा बाराह राणा शिव मंदिर से लौट रहे थे तीनों
- सिडकुल मार्ग पर हुआ हादसा, परिजनों में कोहराम, छात्रों में आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
सितारगंज।
तेज रफ्तार डीसीएम की टक्कर से बाइक सवार छात्र-छात्रा की मौत हो गई, जबकि दूसरी छात्रा घायल हो गई। हादसा मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे सिडकुल मार्ग पर हुआ। तीनों छात्र-छात्राएं कॉलेज के बाद मीरा बाराह राणा स्मारक के शिव मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहे थे। घायल छात्रा को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया। हादसे से परिजनों में कोहराम मचा है तो कॉलेज के छात्रों ने आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
रतनफार्म नंबर दो निवासी गोविंद विश्वास (22) पुत्र सुबल विश्वास मंगलवार को अपनी साथी छात्रा रतनफार्म नंबर एक निवासी सीमा मंडल (19) पुत्री कमलेश मंडल और अनामिका (20) पुत्री स्व. मुकुंद मंडल के साथ राजकीय महाविद्यालय आया था। तीनों बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ते थे। दोपहर बाद करीब दो बजे वह बिना नंबर की बाइक से दोनों छात्राओं को लेकर सिडकुल के मीरा बाराह राणा स्मारक के शिव मंदिर पहुंचा। मंदिर के दर्शन के बाद तीनों बाइक से घर लौट रहे थे। सिडकुल रोड पर ट्रक यूनियन दफ्तर के पास डीसीएम ने बाइक को चपेट में ले लिया। गोविंद और सीमा डीसीएम के नीचे आकर कुचल गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनामिका बाइक से छिटककर दूर जा गिरी, जिससे वह चोटिल हो गई।
हादसे के बाद चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। हादसे के बाद सिसौना राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सुभाष वर्मा, शिक्षक और छात्र-छात्राएं भी दुर्घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने घायल छात्रा को आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। एसएसआई बीएस बिष्ट ने अस्पताल पहुंचकर मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा। छात्र-छात्रा की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा है।
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-इनसेट
नहीं पहना था हेलमेट, कान में लगे थे एयरफोन
सितारगंज। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान बाइक चलाने वाले छात्र गोविंद विश्वास ने हेलमेट नहीं पहना था और कान में एयरफोन लगा रखे थे। यातायात पुलिस और प्रशासन की ओर से आए दिन बाइक सवारों को नियम सिखाए जाते हैं, यहां तक कि नियमों के उल्लंघन पर एमवी एक्ट में बाइकें सीज होती हैं या फिर चालान किए जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी यातायात के नियमों और वाहन चलाते समय सुरक्षा के लिए वीडियो व स्लोगन लिखे चित्र भी खूब वायरल होते हैं, लेकिन युवा पीढ़ी सब कुछ जानने व समझने के बाद भी सुरक्षा को लेकर लापरवाह बनी रहती है। यही लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। ब्यूरो
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-इनसेट
शोक में डूबे छात्र
सितारगंज। छात्र-छात्रा की मौत से छात्रों में शोक व्याप्त है। छात्र संघ नेता परवेज पटौदी ने हादसे के बाद फरार डीसीएम चालक को तत्काल गिरफ्तार करने और सरकार से मृतकों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिलाने की मांग की है। पटौदी ने बताया कि बुधवार सुबह दस बजे कालेज में शोक सभा आयोजित की जाएगी। जब तक हादसे का आरोपी चालक नहीं पकड़ा जाता, छात्र संघ चुनाव के नामांकन भी नहीं किए जाएंगे। इधर, भाजपा नेता सुखदेव सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल और शक्तिफार्म के पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन अजय जायसवाल समेत क्षेत्र के तमाम नेता व गणमान्य लोग भी अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रा का हाल जाना। ब्यूरो
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छात्र संघ चुनाव की नामांकन प्रक्रिया स्थगित
सितारगंज। सड़क हादसे में राजकीय महाविद्यालय के दो छात्र-छात्राओं की मौत के बाद आक्रोशित छात्रों की मांग पर कालेज के प्राचार्य डा. सुभाष वर्मा ने छात्र-संघ चुनाव के बुधवार को होने वाली नामांकन की प्रक्रिया स्थगित कर दी है। प्राचार्य डा. वर्मा ने बताया कि बुधवार को होने वाले नामांकन की प्रक्रिया छात्रों से बैठक के बाद कराई जाएगी। ब्यूरो
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-इनसेट
सड़क चौड़ी हो और लगाए जाएं ब्रेकर
सितारगंज। राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सुभाष वर्मा ने हादसे में छात्र-छात्रा की मौत पर शोक जताया। कहा कालेज के आसपास ब्रेकर लगाए जाने चाहिए। सिडकुल की वजह से सड़क पर ट्रैफिक ज्यादा है, जिससे सड़क संकरी हो गई है। नंधौर में खनन शुरू होने वाला है, ऐसे में खनन चालू होने से पहले बाइक सवार और राहगीरों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। सड़क पर तत्काल ब्रेकर लगवाने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा जाएगा। ब्यूरो
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छात्रा की गुहार पर भी मदद को नहीं आया सिपाही
- पास से गुजर गया, समय नहीं नहीं मिला उपचार
- मजदूर परिवार से हैं दोनों मृतक छात्र-छात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
सितारगंज।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल छात्र और छात्रा ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घायल छात्रा रोती रही, गिड़गिड़ाती रही। यहां तक कि दुर्घटनास्थल के दौरान वहां से गुजरे बाइक सवार सिपाही को देख छात्रा ने उससे ‘सर! प्लीज हेल्प मी प्लीज’ की गुहार लगाते हुए मदद की लाख मिन्नते की, लेकिन सिपाही का दिल नहीं पसीजा और वह हादसे को देखते हुए सीधे चलता बना। वहीं, मृतकों के परिजनों के करुण क्रंदन से अस्पताल भी गूंज उठा। परिजनों की चीखें सुन और उनके विलाप को देख पत्थर दिल भी रोने लगे।
हादसे में मृत शक्तिफार्म के रतनफार्म नंबर दो निवासी गोविंद विश्वास और रतनफार्म नंबर एक की सीमा मंडल मजदूर परिवार से हैं। गोविंद के पिता सुबल विश्वास खेतों में मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। मां सरस्वती देवी गृहणी हैं। सबसे बड़ा भाई श्याम (30), समीर (26) और बहन सपना (24) हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। सीमा के पित कमलेश भी मजदूर हैं और पांच भाई-बहन हैं, जिनमें दो बड़ी बहनें शिखा (24), रेखा (22) व उससे छोटे दो भाई मुकेश (17) व राकेश (15) हैं। अस्पताल में दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। बेटी की लाश को देख मां नमिता मंडल भी दहाड़े मारकर रोती रही।
घायल छात्रा अनामिका ने बताया कि हादसे के बाद एक सिपाही वहां से गुजर रहा था, जिससे उसने मदद की गुहार लगाई, लेकिन वह नहीं रुका। अनामिका का कहना है कि अब तक सुना था कि पुलिस विभाग में इंसानियत नहीं होती है, जिसे आज देख भी लिया। ऐसे पुलिस कर्मियों को विभाग में नहीं रहना चाहिए, जिनके दिलों में रहम ही नहीं है। अस्पताल में अनामिका जब भी होश में आती तो सिर्फ जुबां पर पुलिस कर्मी की दास्तां सुनाई देती कि प्लीज हेल्प मी प्लीज, सर! मेरे दोस्तों को बचा लो। उन्हें अस्पताल पहुंचा दो।
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-यासीन अंसारी-
- एक छात्रा घायल, मीरा बाराह राणा शिव मंदिर से लौट रहे थे तीनों
- सिडकुल मार्ग पर हुआ हादसा, परिजनों में कोहराम, छात्रों में आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
सितारगंज।
तेज रफ्तार डीसीएम की टक्कर से बाइक सवार छात्र-छात्रा की मौत हो गई, जबकि दूसरी छात्रा घायल हो गई। हादसा मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे सिडकुल मार्ग पर हुआ। तीनों छात्र-छात्राएं कॉलेज के बाद मीरा बाराह राणा स्मारक के शिव मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहे थे। घायल छात्रा को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया। हादसे से परिजनों में कोहराम मचा है तो कॉलेज के छात्रों ने आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
रतनफार्म नंबर दो निवासी गोविंद विश्वास (22) पुत्र सुबल विश्वास मंगलवार को अपनी साथी छात्रा रतनफार्म नंबर एक निवासी सीमा मंडल (19) पुत्री कमलेश मंडल और अनामिका (20) पुत्री स्व. मुकुंद मंडल के साथ राजकीय महाविद्यालय आया था। तीनों बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ते थे। दोपहर बाद करीब दो बजे वह बिना नंबर की बाइक से दोनों छात्राओं को लेकर सिडकुल के मीरा बाराह राणा स्मारक के शिव मंदिर पहुंचा। मंदिर के दर्शन के बाद तीनों बाइक से घर लौट रहे थे। सिडकुल रोड पर ट्रक यूनियन दफ्तर के पास डीसीएम ने बाइक को चपेट में ले लिया। गोविंद और सीमा डीसीएम के नीचे आकर कुचल गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनामिका बाइक से छिटककर दूर जा गिरी, जिससे वह चोटिल हो गई।
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हादसे के बाद चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। हादसे के बाद सिसौना राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सुभाष वर्मा, शिक्षक और छात्र-छात्राएं भी दुर्घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने घायल छात्रा को आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। एसएसआई बीएस बिष्ट ने अस्पताल पहुंचकर मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा। छात्र-छात्रा की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा है।
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नहीं पहना था हेलमेट, कान में लगे थे एयरफोन
सितारगंज। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान बाइक चलाने वाले छात्र गोविंद विश्वास ने हेलमेट नहीं पहना था और कान में एयरफोन लगा रखे थे। यातायात पुलिस और प्रशासन की ओर से आए दिन बाइक सवारों को नियम सिखाए जाते हैं, यहां तक कि नियमों के उल्लंघन पर एमवी एक्ट में बाइकें सीज होती हैं या फिर चालान किए जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी यातायात के नियमों और वाहन चलाते समय सुरक्षा के लिए वीडियो व स्लोगन लिखे चित्र भी खूब वायरल होते हैं, लेकिन युवा पीढ़ी सब कुछ जानने व समझने के बाद भी सुरक्षा को लेकर लापरवाह बनी रहती है। यही लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। ब्यूरो
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-इनसेट
शोक में डूबे छात्र
सितारगंज। छात्र-छात्रा की मौत से छात्रों में शोक व्याप्त है। छात्र संघ नेता परवेज पटौदी ने हादसे के बाद फरार डीसीएम चालक को तत्काल गिरफ्तार करने और सरकार से मृतकों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिलाने की मांग की है। पटौदी ने बताया कि बुधवार सुबह दस बजे कालेज में शोक सभा आयोजित की जाएगी। जब तक हादसे का आरोपी चालक नहीं पकड़ा जाता, छात्र संघ चुनाव के नामांकन भी नहीं किए जाएंगे। इधर, भाजपा नेता सुखदेव सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल और शक्तिफार्म के पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन अजय जायसवाल समेत क्षेत्र के तमाम नेता व गणमान्य लोग भी अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रा का हाल जाना। ब्यूरो
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छात्र संघ चुनाव की नामांकन प्रक्रिया स्थगित
सितारगंज। सड़क हादसे में राजकीय महाविद्यालय के दो छात्र-छात्राओं की मौत के बाद आक्रोशित छात्रों की मांग पर कालेज के प्राचार्य डा. सुभाष वर्मा ने छात्र-संघ चुनाव के बुधवार को होने वाली नामांकन की प्रक्रिया स्थगित कर दी है। प्राचार्य डा. वर्मा ने बताया कि बुधवार को होने वाले नामांकन की प्रक्रिया छात्रों से बैठक के बाद कराई जाएगी। ब्यूरो
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सड़क चौड़ी हो और लगाए जाएं ब्रेकर
सितारगंज। राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सुभाष वर्मा ने हादसे में छात्र-छात्रा की मौत पर शोक जताया। कहा कालेज के आसपास ब्रेकर लगाए जाने चाहिए। सिडकुल की वजह से सड़क पर ट्रैफिक ज्यादा है, जिससे सड़क संकरी हो गई है। नंधौर में खनन शुरू होने वाला है, ऐसे में खनन चालू होने से पहले बाइक सवार और राहगीरों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। सड़क पर तत्काल ब्रेकर लगवाने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा जाएगा। ब्यूरो
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छात्रा की गुहार पर भी मदद को नहीं आया सिपाही
- पास से गुजर गया, समय नहीं नहीं मिला उपचार
- मजदूर परिवार से हैं दोनों मृतक छात्र-छात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
सितारगंज।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल छात्र और छात्रा ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घायल छात्रा रोती रही, गिड़गिड़ाती रही। यहां तक कि दुर्घटनास्थल के दौरान वहां से गुजरे बाइक सवार सिपाही को देख छात्रा ने उससे ‘सर! प्लीज हेल्प मी प्लीज’ की गुहार लगाते हुए मदद की लाख मिन्नते की, लेकिन सिपाही का दिल नहीं पसीजा और वह हादसे को देखते हुए सीधे चलता बना। वहीं, मृतकों के परिजनों के करुण क्रंदन से अस्पताल भी गूंज उठा। परिजनों की चीखें सुन और उनके विलाप को देख पत्थर दिल भी रोने लगे।
हादसे में मृत शक्तिफार्म के रतनफार्म नंबर दो निवासी गोविंद विश्वास और रतनफार्म नंबर एक की सीमा मंडल मजदूर परिवार से हैं। गोविंद के पिता सुबल विश्वास खेतों में मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। मां सरस्वती देवी गृहणी हैं। सबसे बड़ा भाई श्याम (30), समीर (26) और बहन सपना (24) हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। सीमा के पित कमलेश भी मजदूर हैं और पांच भाई-बहन हैं, जिनमें दो बड़ी बहनें शिखा (24), रेखा (22) व उससे छोटे दो भाई मुकेश (17) व राकेश (15) हैं। अस्पताल में दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। बेटी की लाश को देख मां नमिता मंडल भी दहाड़े मारकर रोती रही।
घायल छात्रा अनामिका ने बताया कि हादसे के बाद एक सिपाही वहां से गुजर रहा था, जिससे उसने मदद की गुहार लगाई, लेकिन वह नहीं रुका। अनामिका का कहना है कि अब तक सुना था कि पुलिस विभाग में इंसानियत नहीं होती है, जिसे आज देख भी लिया। ऐसे पुलिस कर्मियों को विभाग में नहीं रहना चाहिए, जिनके दिलों में रहम ही नहीं है। अस्पताल में अनामिका जब भी होश में आती तो सिर्फ जुबां पर पुलिस कर्मी की दास्तां सुनाई देती कि प्लीज हेल्प मी प्लीज, सर! मेरे दोस्तों को बचा लो। उन्हें अस्पताल पहुंचा दो।
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-यासीन अंसारी-