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स्कूटर के नंबर पर स्कूली बस
Updated Sun, 23 Jul 2017 02:11 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। नो पार्किंग जोन में खड़ी स्कूली बस का चालान होने पर सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्कूली बस में स्कूटर की नंबर प्लेट लगी थी। कई स्कूली बसें नीलामी में खरीदी गई हैं और पुराने रबर चढे़ टायरों से चलाई जा रही हैं।
एआरटीओ विमल पांडेय शनिवार को चेकिंग अभियान चला रहे थे। इस दौरान लखनपुर में नो पार्किंग जोन में खड़ी आर्मी पब्लिक स्कूल हेमपुर की बस का चालान किया गया। चालान के बाद जब गाड़ी के कागजात जांचे गए तो एआरटीओ ने गाड़ी और कागजातों पर अलग-अलग नंबर पाए। पांडे ने बताया कि जांच पड़ताल करने पर चेचिस नंबर तो सही निकला, लेकिन बस पर अंकित नंबर स्कूटर का था। पूछताछ करने पर पता चला कि गाड़ी निलामी में ली गई थी। उसकी डेंटिंग-पेंटिंग के बाद नंबर लिखवाया गया था। पेंटर की गलती से नंबर अंकित होने की बात सामने आई है। गाड़ी पर यूए07एस2845 नंबर अंकित था, जबकि असल नंबर यूए07एस 2866 है। पांडेय ने बताया कि नंबर को तत्काल सही करवाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, रामनगर क्षेत्र के कई स्कूलों में पुरानी बसों के साथ ही रबर चढे़ टायर लगी बसों को बच्चों के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है। जो बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। इस संबंध में एआरटीओ पांडेय ने बताया कि जल्द ही चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। स्कूली बस मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी।
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एआरटीओ विमल पांडेय शनिवार को चेकिंग अभियान चला रहे थे। इस दौरान लखनपुर में नो पार्किंग जोन में खड़ी आर्मी पब्लिक स्कूल हेमपुर की बस का चालान किया गया। चालान के बाद जब गाड़ी के कागजात जांचे गए तो एआरटीओ ने गाड़ी और कागजातों पर अलग-अलग नंबर पाए। पांडे ने बताया कि जांच पड़ताल करने पर चेचिस नंबर तो सही निकला, लेकिन बस पर अंकित नंबर स्कूटर का था। पूछताछ करने पर पता चला कि गाड़ी निलामी में ली गई थी। उसकी डेंटिंग-पेंटिंग के बाद नंबर लिखवाया गया था। पेंटर की गलती से नंबर अंकित होने की बात सामने आई है। गाड़ी पर यूए07एस2845 नंबर अंकित था, जबकि असल नंबर यूए07एस 2866 है। पांडेय ने बताया कि नंबर को तत्काल सही करवाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, रामनगर क्षेत्र के कई स्कूलों में पुरानी बसों के साथ ही रबर चढे़ टायर लगी बसों को बच्चों के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है। जो बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। इस संबंध में एआरटीओ पांडेय ने बताया कि जल्द ही चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। स्कूली बस मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी।
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