{"_id":"5c438a50bdec2256ab4e569e","slug":"141547930192-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसओजी ने चार माह में 222 वाहन पकड़े","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एसओजी ने चार माह में 222 वाहन पकड़े
विज्ञापन
पुलिस खनन माफिया को लाठी फटकार कर खदेड़ते हुए
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। एक के बाद एक ऑडियो-वीडियो वायरल होने से विवादों से घिरी एसओजी ने चार माह 10 दिन में अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। एसओजी ने इस दौरान 222 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की।
अवैध खनन रोकने के लिए तराई पूर्वी वन प्रभाग में एसओजी का गठन किया गया था। एक पखवाडे़ में तराई पूर्वी वन प्रभाग की एसओजी से जुड़े कई आधा दर्जन ऑडियो और वीडियो वायरल हुए थे। इनमें तीन सिपाही वसूली और रिश्वत मांगने के आरोपों से घिर गए। ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी ने वन आरक्षी अमर सिंह बिष्ट को निलंबित कर दूसरे आरक्षी धन सिंह अधिकारी और ललित बिष्ट का तबादला दूसरे रेंज में कर दिया। मंगलवार को छकाता रेंज में एसओजी को बंधक बनाने और विवादों में घिरने के बाद इसे भी भंग कर दिया गया है। भले ही एसओजी भंग हो गई हो, लेकिन चार माह 10 दिन में अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। एसओजी ने चार माह दस दिन में अवैध खनन में शामिल 222 वाहनों को पकड़ा। इनमें से 172 मामलों का निस्तारण कर दिया गया। वाहनों से वन विभाग ने 99.48 लाख रुपये का प्रतिकर वसूल किया। अभी 50 वाहनों पर जुर्माना तय नहीं किया गया है।
चार माह में एसओजी ने पकड़े 222 वाहन
विवादों में घिरने के बाद डीएफओ ने कर दिया था भंग
रिश्वत के आरोपी आरक्षियों की कार्रवाई पर सवाल
तराई पूर्वी वन प्रभाग में ऑडियो-वीडियो में रिश्वत मांगने और पैसा लेने के आरोपियों पर भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वायरल ऑडियो में रिश्वत मांगने के आरोपी वन आरक्षी अमर सिंह बिष्ट को निलंबित कर दिया गया था। इसी तरह दूसरे वन आरक्षी धन सिंह अधिकारी का अभद्रता और पैसे लेने के वीडियो वायरल होने पर केवल खटीमा रेंज तबादला किया गया। तीसरे वन आरक्षी ललित बिष्ट का भी शीशमहल गेट पर पैसे लेने का वीडियो वायरल हुआ था। ललित का भी तबादला जौलासाल रेंज कर दिया गया। एक ही तरह के मामलों में दो तरह की कार्रवाई पर विभागीय कर्मचारी भी नाराज हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अवैध खनन रोकने के लिए तराई पूर्वी वन प्रभाग में एसओजी का गठन किया गया था। एक पखवाडे़ में तराई पूर्वी वन प्रभाग की एसओजी से जुड़े कई आधा दर्जन ऑडियो और वीडियो वायरल हुए थे। इनमें तीन सिपाही वसूली और रिश्वत मांगने के आरोपों से घिर गए। ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी ने वन आरक्षी अमर सिंह बिष्ट को निलंबित कर दूसरे आरक्षी धन सिंह अधिकारी और ललित बिष्ट का तबादला दूसरे रेंज में कर दिया। मंगलवार को छकाता रेंज में एसओजी को बंधक बनाने और विवादों में घिरने के बाद इसे भी भंग कर दिया गया है। भले ही एसओजी भंग हो गई हो, लेकिन चार माह 10 दिन में अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। एसओजी ने चार माह दस दिन में अवैध खनन में शामिल 222 वाहनों को पकड़ा। इनमें से 172 मामलों का निस्तारण कर दिया गया। वाहनों से वन विभाग ने 99.48 लाख रुपये का प्रतिकर वसूल किया। अभी 50 वाहनों पर जुर्माना तय नहीं किया गया है।
विज्ञापन
चार माह में एसओजी ने पकड़े 222 वाहन
विवादों में घिरने के बाद डीएफओ ने कर दिया था भंग
रिश्वत के आरोपी आरक्षियों की कार्रवाई पर सवाल
तराई पूर्वी वन प्रभाग में ऑडियो-वीडियो में रिश्वत मांगने और पैसा लेने के आरोपियों पर भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वायरल ऑडियो में रिश्वत मांगने के आरोपी वन आरक्षी अमर सिंह बिष्ट को निलंबित कर दिया गया था। इसी तरह दूसरे वन आरक्षी धन सिंह अधिकारी का अभद्रता और पैसे लेने के वीडियो वायरल होने पर केवल खटीमा रेंज तबादला किया गया। तीसरे वन आरक्षी ललित बिष्ट का भी शीशमहल गेट पर पैसे लेने का वीडियो वायरल हुआ था। ललित का भी तबादला जौलासाल रेंज कर दिया गया। एक ही तरह के मामलों में दो तरह की कार्रवाई पर विभागीय कर्मचारी भी नाराज हैं।
विज्ञापन