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कार की मूवमेंट और काल डिटेल से डकैतों की गर्दन तक पहुंची पुलिस
Updated Wed, 20 Jun 2018 02:28 AM IST
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हल्द्वानी। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि शहर में कार की दो दिनों से मूवमेंट थी। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो कार की स्थिति के बारे में काफी जानकारी मिल गई। बाकी सुराग कर्मचारियों की कॉल डिटेल से मिले, जिससे पुलिस डकैतों की गर्दन तक पहुंचने में कामयाब हुई।
एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि डकैती की घटना में प्रयुक्त कार चोरी की है या नहीं। इस बारे में छानबीन की जाएगी। घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस ने संदेश के दायरे में आए व्यवसायी के नौकर प्रकाश कश्यप और उसके साले अजय के मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच की। सीसीटीवी में कार की मूवमेंट से पता चला कि आरोपी नौकर के घर की तरफ कार सवार दो बार गए थे। पकड़े जाने पर नौकर और उसके साले से पूछताछ की गई तो पहले दोनों आनाकानी कर रहे थे लेकिन कॉल डिटेल आने पर अजय की बोलती बंद हो गई। अजय ने घटना के पहले गिरफ्तार रोहताश और नवी हसन से बातचीत की थी। प्रकाश ने अपने साले से बातचीत की थी लेकिन आरोपियों से अधिक बात नहीं की थी।
दिनेश की जेल में डकैतों से हुई थी दोस्ती
अजय का भाई दिनेश कश्यप लूट के आरोप में बरेली जेल में सजा काट चुका है। इस दौरान उसकी डकैत गिरोह के सदस्यों नवी हसन, अंकल उर्फ गुरुजी से दोस्ती हुई थी। बाद में दिनेश ने अजय और प्रकाश के साथ मिलकर व्यवसायी के घर डकैती की योजना बनाई। कॉल डिटेल ने डकैतों और अजय के रिश्ते को खोलकर रख दिया। एसओजी के सर्विलांस प्रभारी कृष्ण चंद्र शर्मा, दिनेश चंद्र पंत, सत्येंद्र गंगोला ने बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रात दिन काम किया। अजय यहां अपने जीजा प्रकाश के साथ 5-6 सालों से रह रहा था।
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गैंगस्टर है नवी हसन
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार नवी हसन के खिलाफ बरेली के आंवला थाने में 2014 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। अलीगढ़ में उसके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। रामपुर जिले के शाहपुर थाने में हत्या के प्रयास और बलवे का मुकदमा 2013 में दर्ज हुआ था। एटा जिले मिर्ची थाने में नवी हसन के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। फरार दिनेश के खिलाफ लूट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
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एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि डकैती की घटना में प्रयुक्त कार चोरी की है या नहीं। इस बारे में छानबीन की जाएगी। घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस ने संदेश के दायरे में आए व्यवसायी के नौकर प्रकाश कश्यप और उसके साले अजय के मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच की। सीसीटीवी में कार की मूवमेंट से पता चला कि आरोपी नौकर के घर की तरफ कार सवार दो बार गए थे। पकड़े जाने पर नौकर और उसके साले से पूछताछ की गई तो पहले दोनों आनाकानी कर रहे थे लेकिन कॉल डिटेल आने पर अजय की बोलती बंद हो गई। अजय ने घटना के पहले गिरफ्तार रोहताश और नवी हसन से बातचीत की थी। प्रकाश ने अपने साले से बातचीत की थी लेकिन आरोपियों से अधिक बात नहीं की थी।
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दिनेश की जेल में डकैतों से हुई थी दोस्ती
अजय का भाई दिनेश कश्यप लूट के आरोप में बरेली जेल में सजा काट चुका है। इस दौरान उसकी डकैत गिरोह के सदस्यों नवी हसन, अंकल उर्फ गुरुजी से दोस्ती हुई थी। बाद में दिनेश ने अजय और प्रकाश के साथ मिलकर व्यवसायी के घर डकैती की योजना बनाई। कॉल डिटेल ने डकैतों और अजय के रिश्ते को खोलकर रख दिया। एसओजी के सर्विलांस प्रभारी कृष्ण चंद्र शर्मा, दिनेश चंद्र पंत, सत्येंद्र गंगोला ने बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रात दिन काम किया। अजय यहां अपने जीजा प्रकाश के साथ 5-6 सालों से रह रहा था।
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गैंगस्टर है नवी हसन
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार नवी हसन के खिलाफ बरेली के आंवला थाने में 2014 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। अलीगढ़ में उसके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। रामपुर जिले के शाहपुर थाने में हत्या के प्रयास और बलवे का मुकदमा 2013 में दर्ज हुआ था। एटा जिले मिर्ची थाने में नवी हसन के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। फरार दिनेश के खिलाफ लूट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है।