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18 साल में दुष्कर्म के 66 मामले दर्ज

Wed, 06 Feb 2019 01:59 AM IST
madan singh Madan Singh
Updated Wed, 06 Feb 2019 01:59 AM IST
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18 साल में दुष्कर्म के 66 मामले दर्ज
Rape Victim - फोटो : Amar Ujala Graphics
हल्द्वानी। राज्य गठन के बाद से प्रदेश में दुष्कर्म के कुल 66 और तेजाब हमले के 10 मामले प्रदेश के थानों में दर्ज हुए हैं। इनमें से अधिकतर पीड़िताओं को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है जबकि शेष को मुआवजा राशि भुगतान की प्रक्रिया चल रही है।
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मल्ला गोरखपुर निवासी हेमंत सिंह गौनिया ने निर्भया प्रकोष्ठ की राज्य परियोजना अधिकारी/नोडल अधिकारी से तेजाब पीड़ितों और दुष्कर्म पीड़ितों के बारे में जानकारी मांगी थी। नोडल अधिकारी आरती बलोदी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक राज्य गठन के बाद प्रदेश में तेजाब से पीड़ित होने के कुल 10 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से सात मामलों में मुआवजा दिया जा चुका है जबकि तीन लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड में दुष्कर्म की कुल 66 घटनाएं दर्ज हुईं, जिसमें से 55 मामलों में मुआवजा भुगतान किया जा चुका है जबकि शेष 11 पीड़िताओं को मुआवजा भुगतान की कार्रवाई चल रही है।
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18 साल में दुष्कर्म के 66 मामले दर्ज
10 तेजाब पीड़ितों में से सात को मिला है मुआवजा

वर्षवार घटता गया निर्भया प्रकोष्ठ का बजट
हल्द्वानी। तेजाब के हमले और दुष्कर्म पीड़िताओं की मदद के लिए सरकार ने निर्भया प्रकोष्ठ गठित किया है, जिसे सालाना बजट उपलब्ध कराया जाता है लेकिन पांच साल में इस प्रकोष्ठ का बजट लगातार कम होता गया है। वर्ष 2014-15 में बजट प्रावधान 157 लाख था, जिसमें से केवल 6.46 लाख रुपया व्यय हुआ। वर्ष 2015-16 में 100 लाख के विपरीत 16.42 लाख, 2016-17 में 100 लाख के विपरीत 46.83 लाख, 2017-18 में 80 लाख के विपरीत 66.63 लाख, वर्ष 2018-19 (दिसंबर 2018 तक) 42.42 लाख रुपये व्यय किए गए।
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