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हाईकोर्ट के निर्देश पर तोड़ी अतिक्रमण की 27 दुकानें
Updated Fri, 06 Jul 2018 01:56 AM IST
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भवाली में अतिक्रमण हटाया
- फोटो : अमर उजाला
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भवाली (नैनीताल)। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने भवाली में उतरी। भारी फोर्स के बीच जेसीबी ने 27 दुकानें ध्वस्त कर दीं। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों से व्यापारियों की बहस भी हुई।
बता दें कि अनिल कुमार और धनी राम की जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट ने तीन माह में भवाली में हुए सारे अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। इस पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए गए। समय सीमा खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे प्रशासन की ओर से एडीएम हरबीर सिंह, एसडीएम अभिषेक रुहेला, तहसीलदार कृष्ण राम समेत पुलिस प्रशासन से एसपी सिटी हरीश चंद्र सती भारी पुलिस फोर्स के साथ भवाली चौराहे पहुंचे। मौके पर पहुंचते ही पालिका कर्मियों और जेसीबी ने एक-एक करके चिन्हित दुकानों को ध्वस्त करना शुरू किया। इस दौरान प्रशासन और व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। वहीं एक महिला अपना आवास टूटते देख रोते गिड़गिड़ाते हुए बेहोश हो गई जिसे पुलिस वाहन से अस्पताल ले जाया गया। उधर, व्यापारियों का कहना है कि कोर्ट के आदेश है कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित जगह के कागज देखे जाएं लेकिन प्रशासन ने उन्हें सुना तक नहीं।
वर्षों से पालिका को दे रहे थे किराया
व्यापारियों ने पालिका पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि वे कई सालों से दुकानों का किराया पालिका को दे रहे थे। आज यह अतिक्रमण कैसे हो गया।
पालिका और लोनिवि ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई
पालिका और लोनिवि ने संयुक्त रूप से 34 दुकानों और आवास को नोटिस दिया था। इसमें से 8 दुकानें पालिका ने तोड़ीं और 19 दुकानों पर लोनिवि ने कार्रवाई की।
एनएच ने भी चिन्हित कीं दुकानें
एनएच ने भी नैनीताल रोड कोतवाली से रानीखेत रोड तक दुकानों की नपाई कराई। सड़क के बीच से 6 मीटर तक के दायरे में आने वाली दुकानें और प्रतिष्ठान चिन्हित किए। इन पर लाल निशान लगाया गया।
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बता दें कि अनिल कुमार और धनी राम की जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट ने तीन माह में भवाली में हुए सारे अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। इस पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए गए। समय सीमा खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे प्रशासन की ओर से एडीएम हरबीर सिंह, एसडीएम अभिषेक रुहेला, तहसीलदार कृष्ण राम समेत पुलिस प्रशासन से एसपी सिटी हरीश चंद्र सती भारी पुलिस फोर्स के साथ भवाली चौराहे पहुंचे। मौके पर पहुंचते ही पालिका कर्मियों और जेसीबी ने एक-एक करके चिन्हित दुकानों को ध्वस्त करना शुरू किया। इस दौरान प्रशासन और व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। वहीं एक महिला अपना आवास टूटते देख रोते गिड़गिड़ाते हुए बेहोश हो गई जिसे पुलिस वाहन से अस्पताल ले जाया गया। उधर, व्यापारियों का कहना है कि कोर्ट के आदेश है कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित जगह के कागज देखे जाएं लेकिन प्रशासन ने उन्हें सुना तक नहीं।
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वर्षों से पालिका को दे रहे थे किराया
व्यापारियों ने पालिका पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि वे कई सालों से दुकानों का किराया पालिका को दे रहे थे। आज यह अतिक्रमण कैसे हो गया।
पालिका और लोनिवि ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई
पालिका और लोनिवि ने संयुक्त रूप से 34 दुकानों और आवास को नोटिस दिया था। इसमें से 8 दुकानें पालिका ने तोड़ीं और 19 दुकानों पर लोनिवि ने कार्रवाई की।
एनएच ने भी चिन्हित कीं दुकानें
एनएच ने भी नैनीताल रोड कोतवाली से रानीखेत रोड तक दुकानों की नपाई कराई। सड़क के बीच से 6 मीटर तक के दायरे में आने वाली दुकानें और प्रतिष्ठान चिन्हित किए। इन पर लाल निशान लगाया गया।
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