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सेना के हवलदार का शव बिस्तर पर मिला
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:22 AM IST
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हल्द्वानी। परेड के लिए बुधवार सुबह जगाने गए साथियों को छावनी स्थित कमरे में बिस्तर पर आर्मी सप्लाई कोर में तैनात हवलदार मृत मिला। भोटिया पड़ाव पुलिस ने प्राथमिक जांच में हवलदार की मौत हृदयाघात से होने की आशंका जताई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।
छावनी के आर्मी सप्लाई कोर में तैनात हवलदार राजेेंद्र प्रसाद (43) मंगलवार रात खाना खाकर अपने बैरक में सो गया। सुबह साथी उसे पीटी और परेड करने के लिए जगाने गए तो उसकी सांसें थमीं हुईं थीं। सेना के जवान उसे लेकर डॉक्टर के पास गए लेकिन उन्होंने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद भोटिया पड़ाव के उपनिरीक्षक भगवान गिरी गोस्वामी ने मौका मुआयना करने के बाद सेना के जवानों से पूछताछ की। साथियों ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद महाराजगंज (उत्तरप्रदेश) जिले के बरगदवा बाजार पिपरा के निवासी थे। उनकी एक पुत्री अक्की, दो पुत्र अभिषेक सोनी और आशीष वर्मा हैं। सेना के अधिकारियों ने हवलदार की पत्नी धूपकला देवी को सूचना दे दी है। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद हार्ट अटैक (हृदयाघात) की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम के बाद सेना अधिकारी ताबूत में शव लेकर पैतृक गांव चले गए।
23 साल पहले सेना में भर्ती हुआ था जवान
पुलिस के अनुसार हवलदार राजेंद्र प्रसाद 23 साल पहले 26 अप्रैल 1994 को सेना में भर्ती हुए थे। हल्द्वानी में वह 20 दिसंबर 16 को स्थानांतरित होकर आर्मी सप्लाई कोर में आए थे। उनके हार्निया रोग का भी इलाज कराया गया था।
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छावनी के आर्मी सप्लाई कोर में तैनात हवलदार राजेेंद्र प्रसाद (43) मंगलवार रात खाना खाकर अपने बैरक में सो गया। सुबह साथी उसे पीटी और परेड करने के लिए जगाने गए तो उसकी सांसें थमीं हुईं थीं। सेना के जवान उसे लेकर डॉक्टर के पास गए लेकिन उन्होंने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद भोटिया पड़ाव के उपनिरीक्षक भगवान गिरी गोस्वामी ने मौका मुआयना करने के बाद सेना के जवानों से पूछताछ की। साथियों ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद महाराजगंज (उत्तरप्रदेश) जिले के बरगदवा बाजार पिपरा के निवासी थे। उनकी एक पुत्री अक्की, दो पुत्र अभिषेक सोनी और आशीष वर्मा हैं। सेना के अधिकारियों ने हवलदार की पत्नी धूपकला देवी को सूचना दे दी है। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद हार्ट अटैक (हृदयाघात) की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम के बाद सेना अधिकारी ताबूत में शव लेकर पैतृक गांव चले गए।
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23 साल पहले सेना में भर्ती हुआ था जवान
पुलिस के अनुसार हवलदार राजेंद्र प्रसाद 23 साल पहले 26 अप्रैल 1994 को सेना में भर्ती हुए थे। हल्द्वानी में वह 20 दिसंबर 16 को स्थानांतरित होकर आर्मी सप्लाई कोर में आए थे। उनके हार्निया रोग का भी इलाज कराया गया था।
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